मंदसौर। अपर सत्र न्यायाधीश (श्रृंखला न्यायालय सीतामऊ) मुनेंद्र सिंह वर्मा ने 11 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी विरमलाल (31) पिता नंदलाल उर्फ नंदा माली निवासी ग्राम नाटाराम, थाना सीतामऊ को दोषी ठहराया है। अदालत ने आरोपी को उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक के सख्त कारावास की सजा से दंडित किया है। शासन द्वारा इस मामले को जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखा गया था।
इसके साथ ही न्यायालय ने पीड़िता के पुनर्वास एवं मानसिक आघात की क्षतिपूर्ति हेतु 2 लाख रुपये का प्रतिकर दिए जाने का भी आदेश जारी किया है।अभियोजन मीडिया प्रभारी एवं एडीपीओ बलराम सोलंकी ने बताया कि घटना 7 मई 2025 की है। पीड़िता अपनी दादी के साथ खेत पर गई थी और जब वह पास के खेत पर कुत्ते को खाना खिलाने गई, तो आरोपी विरमलाल ने उसे मोबाइल का लालच देकर कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। आरोपी ने चाकू दिखाकर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। घर पहुंचकर पीड़िता ने रोते हुए अपनी मां को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद थाना सीतामऊ में भारतीय न्याय संहिता एवं पॉक्सो अधिनियम में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के समक्ष विशेष लोक अभियोजक भारत सिंह खैर ने पैरवी की और गवाहों के बयानों व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दंड मिला।