” मक्सी (शाजापुर) : मक्सी के समीप ग्राम बघेरा और आसपास के गांवों में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। बिजली समस्या को लेकर विभाग को बार-बार अवगत कराने के बावजूद जब समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों को मजबूरन सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। बड़ी संख्या में एकत्रित हुए ग्रामीणों ने जाम लगा दिया और स्पष्ट कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, वे मौके से नहीं हटेंगे।”
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती के कारण लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं होने से रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस समस्या से कई बार बिजली विभाग को अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या का निराकरण नहीं किया, तो ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया और उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।शिकायतों के बाद भी नहीं निकला समाधान-ग्रामीणों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी उन्हें बार-बार परेशान होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि विभाग शिकायतों को गंभीरता से लेकर समय रहते कार्रवाई करता, तो सड़क पर उतरकर विरोध करने की नौबत नहीं आती। लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जाहिर की और बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग उठाई।”
समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्हें बिजली समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का निराकरण करें और क्षेत्र में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे मौके से हटने को तैयार”
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल-बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का सड़क पर उतरना इस बात का संकेत है कि उनकी परेशानी लंबे समय से बनी हुई है और शिकायतों के बाद भी राहत नहीं मिल पाई है। अब देखना यह है कि ग्रामीणों के विरोध के बाद विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कितनी तत्परता से कार्रवाई करते हैं और क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में कब तक सुधार हो पाता है।”