उज्जैन। भूतड़ी अमावस्या के अवसर पर भैरवगढ़ स्थित 52 कुंड पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अमावस्या पर स्नान का विशेष महत्व मानते हुए हजारों श्रद्धालु कुंड पहुंचे और पवित्र जल में डुबकी लगाई। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दिनभर जारी रहा। कुंड परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से धार्मिक माहौल बना रहा।भूतड़ी अमावस्या को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था रहती है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र जल में स्नान करने और पूजा-अर्चना करने से नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है। इसी विश्वास के साथ कई श्रद्धालु परिवार सहित 52 कुंड पहुंचे। लोगों ने स्नान के बाद पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। कुछ श्रद्धालु पितरों की शांति के उद्देश्य से भी धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचे।
आस्था और परंपरा का केंद्र बना 52 कुंड-उज्जैन धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। भूतड़ी अमावस्या पर 52 कुंड में स्नान के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना इसी धार्मिक आस्था का हिस्सा है। इस अवसर पर दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह दिन धार्मिक विश्वास, परंपरा और आध्यात्मिक शांति से जुड़ा हुआ है। अमावस्या पर कुंड में स्नान के साथ पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के चलते भैरवगढ़ क्षेत्र में दिनभर चहल-पहल बनी रही।