बारिश ने मटकी फोड़ का मजा किया किरकिरा, फिर भी 100 जगह फूटी हांडियां -शहीद पार्क में पानी में भीगते हुए युवाओं ने लगाए पिरामिड, CM बोले – सामूहिकता ही मटकी फोड़ का सार

उज्जैन। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को दिनभर हुई रिमझिम बारिश ने शहर में होने वाले मटकी फोड़ आयोजनों का मजा किरकिरा कर दिया। गुरूवार रात से ही शुरू हुई बारिश ने कई आयोजन स्थानों पर बनाए गए मंच गीले कर दिए थे और और आयोजनों के मैदानों में कीचड़ हो गया था। मंदिरों में बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की कतार रही है।

रिमझिम बारिश के बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। शहर में 100 से अधिक स्थानों पर युवाओं की टोलियों ने भीगते हुए ही दही-हांडी फोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का उत्साह मनाया

शहीद पार्क में कृष्णा ग्रुप और कृष्णा वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित मुख्य मटकी फोड़ स्पर्धा में बारिश के कारण आयोजन दो घंटे देरी से शुरू हुआ। पानी में फिसलन के कारण पिरामिड बनाने में युवाओं को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई टोलियां फिसलकर गिर भी गईं, लेकिन अंत में हांडी फोड़कर ही दम लिया।शहीद पार्क के आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली जुड़े। उन्होंने कहा कि मटकी फोड़ में भी जीवन का दर्शन छिपा है। हमारा जीवन मटकी की तरह है, जिसमें पुण्य का माखन भरा रहना चाहिए। मटकी फोड़ने के लिए एक-दूसरे का साथ देना पड़ता है, यही जीवन में मित्रता और सामूहिकता का महत्व है।

मंदिरों में नहीं दिखा बारिश का असर –

बारिश का असर मटकी फोड़ पर तो पड़ा, लेकिन मंदिरों में आस्था को प्रभावित नहीं कर सका। द्वारकाधीश गोपाल मंदिर में भगवान को केसरिया वस्त्र धारण कराए गए। रात 12 बजे जन्म आरती और महाभिषेक के बाद देर रात 2 बजे तक भक्त कतारों में भीगते हुए ही दर्शन के लिए खड़े रहे। सांदीपनि आश्रम और इस्कॉन मंदिर में भी ‘नंद के घर आनंद भयो’ के जयघोष गूंजते रहे।

श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी जन्माष्टमी पर भगवान महाकाल का वैष्णव तिलक और मोर पंख के साथ श्रीकृष्ण स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया।

 

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