निकास चौराहे से इंदौर गेट तक निकलेगा पैदल मार्च एलिवेटेड ब्रिज के विरोध में व्यापारियों के साथ कांग्रेस उतरेगी -विरोध में देवासगेट क्षेत्र में एक –एक दुकानदार ने लगाए पोस्टर ,बैनर

उज्जैन। सिंहस्थ2028 एवं शहर में आवागमन के लिए सुगमता को लेकर बनाए जाने वाले एलिवेटिेड ब्रिज का विरोध चल रहा है। व्यापारियों के विरोध के साथ अब कांग्रेस भी मैदान में खुलकर उतरने वाली है। इसकी पहल रविवार को कांग्रेस निकास चौराहे से इंदौर गेट तक पैदल मार्च  निकालकर करेगी। वैसे ब्रिज को लेकर टेंडर जारी हो चुके हैं और शासन पक्ष की और से उच्च न्यायालय खंडपीठ में केविएट दायर की जा चुकी है।

आगर रोड से रेलवे स्टेशन होते हुए इंदौर गेट एवं निकास से इंदौर गेट के लिए बनाए जाने वाले एलिवेटेड ब्रिज को लेकर देवासगेट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में विरोध जमकर हो रहा है। यहां एक भी ऐसा व्यवसायिक प्रतिष्ठान नहीं है जिसने विरोध का पोस्टर,बैनर नहीं लगाया हो। तकरीबन सभी दुकानदारों ने एक से लगाकर तीन-तीन पोस्टरों के हवाले से एलिवेटेड ब्रिज का विरोध जता रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इससे सिर्फ दुकान का कुछ हिस्सा ही प्रभावित नहीं होगा बल्कि पुरी दुकान ही प्रभावित हो जाएगी। पूर्व सिंहस्थों2004 में हमारे द्वारा अपनी जमीन दे दी गई है। स्वैच्छा से हमने त्याग कर दिया था। अब सामने के हिस्से में रेलवे की जमीन जो खाली पडी है उसे लिया जाए। इसके उलट रेलवे का यह हिस्सा सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के आगे छोटा पडने की स्थिति साफ तौर पर देखी जा सकती है । पूर्व के चौडीकरण में रेलवे ने भी अपनी जमीन दी थी।

18 माह में बनाएगी फर्म रवि इंफ्रा-

मकोड़ियाआम से हरिफाटक (फोरलेन) करीब 3.5 किलोमीटर एवं इंदौर गेट से निकास चौराहे तक लगभग 1.732 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ब्रिज परियोजना करीब 416 करोड की योजना है। टेंडर में फर्म रवि इंफ्रा ने सबसे कम करीब 300 करोड की बोली लगाई है। दोनों ब्रिज को बनाने की अवधि 18 माह है। इसी फर्म के पास उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन और हरिफाटक ब्रिज जैसे प्रमुख निर्माण कार्य पहले से हैं। टेंडर दस्तावेज जांच उपरांत कंपनी को वर्क आर्डर हो सकता है। पहला एलिवेटेड कॉरिडोर मकोड़ियाआम से हरिफाटक (फोरलेन) करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह मार्ग इंदिरानगर क्षेत्र से शुरू होकर इंदौर गेट होते हुए हरिफाटक तक पहुंचेगा। फोरलेन कॉरिडोर के नीचे सर्विस रोड रहेगा। दुसरा एलिवेटेड इंदौर गेट से निकास चौराहे तक लगभग 1.732 किलोमीटर लंबा यह ब्रिज पुराने शहर के घने बाजारों,नई सड़क, फव्वारा चौक और दौलतगंज—के ऊपर से निकलेगा। इससे रोजाना लगने आवागमन समस्या का अंत होगा। इसका निर्माण जिला प्रशासन एवं क्षेत्रीय स्तर पर अन्यानेक प्रबंधन को लेकर चुनौती पूर्ण रहने वाला है। इसके चलते कई क्षेत्रों में 6-12 माह व्यवसायिक गतिविधियां सिमट सकती हैं।

कांग्रेस का पैदल मार्च आज-

शहर कांग्रेस की बैठक में एलिवेटेड ब्रिज को लेकर व्यापारिक हित में विरोध का निर्णय लिया गया है। एलिवेटेड ब्रिज के विरोध में रविवार शाम 6 बजे निकास चौराहे से लेकर इंदौर गेट तक कांग्रेस पैदल मार्च निकालकर ज्ञापन सौंपने वाली है। कांग्रेस का स्पष्ट तर्क है कि शहर के प्रथम प्रमुख मार्ग पर इस ब्रिज की कोई आवश्यकता नहीं है। आगे जाकर यह महाकाल ब्रिज में मिल जाता है, जिससे वहां ट्रैफिक का अनावश्यक दबाव और अधिक बढ़ जाएगा।

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