उज्जैन। गुरुवार को महापौर मुकेश टटवाल ढाबा रोड से सत्यनारायण मंदिर व दानी गेट तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे, जहां उन्हें स्थानीय रहवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा।
निरीक्षण के दौरान एक रहवासी ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा बिना पूर्व सूचना उनके घर पर जेसीबी चला दी गई, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिकायत करने पर भी अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। रहवासियों का आरोप है कि उन पर दबाव बनाकर मकान तुड़वाए गए, लेकिन अब तक न तो नाली निर्माण शुरू हुआ है और न ही मलबा हटाया गया है।
लोगों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा पोकलेन मशीन से की गई नाली खुदाई के कारण 50 से 75 वर्ष पुराने कई मकानों की नींव कमजोर हो गई है, जिससे मकानों में दरारें आ रही हैं और गिरने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही क्षेत्र में पेयजल में गंदा पानी मिलने की शिकायत भी सामने आई।
क्षेत्रीय पार्षद अर्पित दुबे ने महापौर को बताया कि नगर निगम ने बिना ठोस योजना के तोड़फोड़ करवा दी, लेकिन कार्य को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की स्पष्ट रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि नालियों की खुदाई गलत तरीके से की गई है और अब कमी छिपाने के लिए पाइप डाले जा रहे हैं, जिससे भविष्य में परेशानी बढ़ेगी।
रहवासियों ने यह भी बताया कि पहले क्षेत्र में खुली नाली का प्रावधान था, लेकिन अब बिना स्पष्ट जानकारी के पाइप डाले जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि काम इसी तरह चलता रहा तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने महापौर को यह भी अवगत कराया कि आने वाले दिनों में इसी मार्ग से महाकालेश्वर की सवारी निकलेगी और अधिकमास के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। क्षेत्र में धार्मिक महत्व के कई मंदिर स्थित हैं, ऐसे में अव्यवस्थित कार्य से व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।
महापौर टटवाल ने रहवासियों से चर्चा करते हुए कहा कि वे बिना अधिकारियों के सीधे समस्याएं समझने पहुंचे हैं, ताकि वास्तविक स्थिति जानकर संबंधित अधिकारियों से प्रभावी ढंग से चर्चा कर समाधान किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण एवं उद्यानिकी विभाग प्रभारी शिवेंद्र तिवारी, जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा, पार्षद अर्पित दुबे, छोटे लाल मंडलोई सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।