जिले में 12 बाल विवाह रूकवाए, एक मामले में सूचनाकर्ता को नाबालिग के परिवार ने अधमरा किया

 

उज्जैन । उज्जैन जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए गठित उड़नदस्ता की मुस्तैदी से अप्रैल माह में जारी अभियान में 12 बाल विवाह होने के पूर्व ही, दोनों पक्षों को समझाइश देकर रोका गया है। ऐसे ही एक मामले में सूचना  देने वाले को नाबालिग के परिवार ने बाद में बुलाकर हमला कर दिया जिसमें उसे अधमरा किया गया है। नानाखेडा थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने जिले के नागरिकों से बाल विवाह रोकथाम अभियान में मदद करने के लिए आगे आने की अपील करते हुए आह्वान किया है कि वह अपने आस पास कहीं भी बाल विवाह संबंधी सूचना निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र , पुलिस थाना/ चौकी, हेल्प लाइन नम्बर 1098 पर या पंचायत सचिव , कोटवार, आशा को देने का कष्ट करें,सूचना दाता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग बृजेश त्रिपाठी के अनुसार सभी रोके गए बाल विवाह में उड़नदस्ता द्वारा मौके पर पहुंच कर बाल विवाह रोकथाम कानून और बाल विवाह के सामाजिक पारिवारिक स्वास्थ्यगत दुष्प्रभावों की जानकारी दोनों पक्षों को देने पर समझाइश दी गई जिससे संबंधित पक्ष बाल विवाह नहीं करने पर सहमत हो गए। इधर ऐसे ही एक मामले में

सामूहिक सम्मेलन में हो रही नवाखेडा निवासी नाबालिग की शादी की शिकायत बापू नगर में रहने वाले सीताराम पिता राजीव दास मालवीय ने महिला बाल विकास आयोग को की थी। इस पर नाबालिग का विवाह रोक दिया गया। इससे नाबालिग के परिजन नाराज हो गए और उन्होंने शिकायत करने वाले बापू नगर निवासी सीताराम पिता राजीव दास मालवीय को नाबालिग के माध्यम से बुलाया और अगवा कर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। नानाखेडा थाना प्रभारी नरेन्द्र यादव के अनुसार पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है। इंदौर रोड स्थित ग्राम नवाखेड़ा में रहने वाली नाबालिग का विवाह परिजनों द्वारा पीथमपुर में आयोजित सामूहिक सम्मेलन में की जा रही थी, मंगलवार को विवाह होना था, इससे पहले ही महिला बाल विकास आयोग की टीम पहुंच गई। जांच में मामला

सही पाया गया और नाबालिग का विवाह रुकवा दिया गया। विवाह रुकने पर नाबालिग के परिजन आक्रोशित हो गए उन्हें जानकारी मिली कि महिला आयोग को शिकायत बापू नगर में रहने वाले सीताराम पिता राजीव दास मालवीय द्वारा की गई थी। रात में परिजनों ने दबाव बनाकर नाबालिग के माध्यम से सीताराम को तपोभूमि के समीप मिलने के बहाने बुलवाया। सीताराम अपने दोस्त विशाल के साथ तपोभूमि पहुंचा जहां पर नाबालिग के परिजन मिले उन्होंने सीताराम और विशाल के साथ मारपीट की उसके बाद सीताराम को अपनी गाड़ी में बैठ कर ग्राम नवाखेड़ा ले गए, जहां पूरे परिवार

ने मिलकर उसे बुरी तरह पीटा और घायल होने पर डायल 112 को कॉल कर आरोप लगाते हुए उसे अस्पताल पहुंचा दिया। रात में ही पुलिस ने जांच शुरू की घायल के बयान दर्ज किए गए जिसमें बाल विवाह रुकवाने पर मारपीट होने की बात सामने आते ही सीताराम की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया। घायल सीताराम का आरोप था कि उसे अगवा करने वाला नाबालिग का भाई राजा और काका का लड़का गौरव सरगरा शामिल थे। गांव में महिलाओं द्वारा मारपीट की गई। घायल सीताराम ने बताया कि वह इंदौर रोड स्थित एक होटल में काम करता था जहां दोस्त विशाल भी काम करता है। काम के दौरान ही उसकी नाबालिग से पहचान हुई थी। दो माह पहले उसने होटल से काम छोड़ दिया था लेकिन नाबालिग से बातचीत जारी थी। कुछ दिन पहले ही नाबालिग ने बताया कि परिजन जबरदस्ती शादी कर रहे हैं। पीथमपुर सामूहिक विवाह सम्मेलन में उसका विवाह होने वाला है। सीताराम के अनुसार नाबालिग होने पर उसने मामले की शिकायत भोपाल महिला बाल विकास आयोग को की थी। जहां से उज्जैन महिला बाल विकास आयोग की टीम को जांच के लिए भेजा गया था, इसी बात को लेकर उसके साथ नाबालिग के परिजनों द्वारा साजिश रच करने का प्रयास किया गया है।

 

 

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