गोपाल मंदिर से कंठाल तक 24 मीटर चौड़ीकरण, 7 धर्मस्थल जद में खड़े हनुमान जी की अंतिम आरती में छलके भक्तों के आंसू -संकट मोचन मंदिर की बची 3×10 फीट जमीन पर भक्तों ने कर दी पुनर्स्थापना

उज्जैन । महाकाल लोक के बाद गोपाल मंदिर से कंठाल तक प्रस्तावित 24 मीटर सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे धर्मस्थलों को हटाने का सबसे भावुक क्षण शुक्रवार को देखने को मिला। कंठाल मार्ग के प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी मंदिर में वर्तमान स्थल पर अंतिम आरती की गई। आरती के बाद नगर निगम ने मंदिर को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
अंतिम आरती में झलके अश्रु –
जन्माष्टमी पर्व की सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगा था। दोपहर 2 बजे पुजारी पं. राकेश व्यास और नियमित भक्तों द्वारा हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और महाआरती की गई। आरती के दौरान कई बुजुर्ग महिला-पुरुषों की आंखों से आंसू निकल पड़े। 40 साल से इस मंदिर में रोज दर्शन करने आ रहे फूल विक्रेता गोविंद ने बताया कि इस प्रतिमा के सामने मन्नत मांगने से काम जरूर पूरा होता था।
8 फीट ऊंची प्रतिमा को क्रेन से उतारा –
आरती के तुरंत बाद निगम की तकनीकी टीम, इंजीनियर और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। 8 फीट ऊंची खड़ी मुद्रा वाली दुर्लभ हनुमान प्रतिमा को क्षति न पहुंचे, इसके लिए पहले चारों तरफ बल्लियों की शटरिंग की गई। फिर दो बड़ी क्रेन और कटर मशीन से मंदिर के गुंबद और दीवारों को अलग किया गया। देर शाम 7 बजे तक काम जारी रहा। बीच-बीच में तेज बारिश से काम रोकना पड़ा। कार्रवाई के बाद प्रतिमा को पूरी तरह कपड़े से ढककर वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया। अफसरों के अनुसार शनिवार सुबह मुहूर्त में प्रतिमा को 200 मीटर दूर छत्रीचौक पानी की टंकी के पास तैयार किए गए नए अस्थायी मंदिर में विधि-विधान से स्थापित किया जाएगा।
 संकट मोचन की वापसी-
15 दिन पहले हटाए गए संकट मोचन हनुमान मंदिर की कहानी अलग है। चौड़ीकरण में मंदिर का 90% हिस्सा टूट गया था, लेकिन लंबाई में पीछे की तरफ 3 फीट चौड़ी और 10 फीट लंबी पट्टी बच गई। भक्तों ने प्रशासन से चर्चा कर उसी बची हुई जमीन पर ही छोटे स्वरूप में हनुमान जी की पुनर्स्थापना कर दी है, ताकि आस्था का केंद्र बना रहे।
ये है प्रोजेक्ट का बैकग्राउंड –
नगर निगम द्वारा गोपाल मंदिर से कंठाल ब्रिज तक सड़क को 24 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। सिंहस्थ 2028 और महाकाल लोक में बढ़ती भीड़ को देखते हुए ये सड़क वीवीआईपी रूट बनेगी। इस रूट में 7 छोटे-बड़े मंदिर-मजार चौड़ीकरण की जद में आए हैं। निगम ने सभी को नोटिस देकर सहमति से हटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
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