उज्जैन। फायर सेफ्टी अधिकारी के साथ मारपीट करने वाले होटल संचालक को शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट में उसकी जमानत याचिका दाखिल की गई, लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया। होटल संचालक को जेल भेजा गया है।
सहायक जिला अभियोजन अधिकरी हार्दिक देवकर ने बताया कि महाकाल थाना पुलिस ने नगर निगम के फायर सेफ्टी अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद साहू के साथ हुई मारपीट के मामले में जयसिंहपुरा स्थित होटल पीताम्बर रेसीडेंसी संचालक के पुत्र बृजेन्द्र उर्फ विकास अरोण्या के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था। शुक्रवार को उसकी जमानत याचिका लगाई गई थी लेकिन प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट राघवेन्द्र पटेल ने जमानत याचिका को निरस्त कर दिया और शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले बृजेन्द्र उर्फ विकास को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश जारी कर दिये। विदित हो कि फायर सेफ्टी अधिकारी जांच के लिये होटल पहुंचे थे और उन्होने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, फायर आॅडिट रिपोर्ट और बिल्डिंग परमिशन मांगी। इस दौरान होटल संचालक का पुत्र आ गया था और उसने अधिकारी के साथ अभद्रता करते हुये चार चांटे मारे थे और धमकाकर होटल से बाहर निकाल दिया था। जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। जिसके बाद नगर निगम अधिकारियों ने एक्शन लिया था और गुरूवार को होटल सील करने की कार्रवाई की थी। इस दौरान परिवार ने जमकर हंगामा किया था।
कोर्ट ने खारिज की जमानत, होटल संचालक को भेजा जेल