उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में सुरक्षा को प्राथमिकता देने हेतु आईआईटी मुंबई के साथ प्रशिक्षण आयोजित हुआ है। निर्माणाधीन विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण पहल के तहत सिंहस्थ से संबंधित विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों में सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कंस्ट्रक्शन सेफ्टी कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन गुरुवार को किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप और निर्देशानुसार सिंहस्थ की तैयारियों को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीषसिंह एवं जिला कलेक्टर रौशन कुमार सिंह द्वारा किए जा रहे नवाचारों की श्रृंखला में यह आयोजन किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी उपस्थित रहे।संवाद से सुरक्षा तक रहे सत्र-प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के विषय विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत सहभागितापूर्ण एवं संवादात्मक सत्रों का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को निर्माण सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई।विशेषज्ञों द्वारा निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर मौके पर ही सुरक्षा मानकों, संभावित जोखिमों तथा उनके निराकरण के उपायों के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।विशेषज्ञों ने बताया कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल किसी एक अधिकारी या एजेंसी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि कार्यस्थल से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। प्रशिक्षण में रिफ्लेक्टिव जैकेट, सुरक्षा हेलमेट एवं अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) के अनिवार्य उपयोग पर विशेष बल दिया गया। रात्रिकालीन कार्यों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अभियंताओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों में भाग लिया तथा निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।कलेक्टर बोल महत्वपूर्ण नवाचार-प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने प्रशिक्षण में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ लेने तथा इसे एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में अपनाते हुए अपने-अपने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे कार्यों का निष्पादन सुरक्षित, समयबद्ध एवं उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ किया जा सके।ये रहा प्रशिक्षण का उद्देश्य-सिंहस्थ मेला कार्यालय में आयोजित कंस्ट्रक्शन सेफ्टी कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम कार्यक्रम का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से संबंधित निर्माण कार्यों में संलग्न अधिकारियों एवं अभियंताओं को आधुनिक निर्माण सुरक्षा मानकों, जोखिम प्रबंधन, कार्यस्थल सुरक्षा तथा निर्माण स्थलों पर अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों ने सहभागिता की।
सिंहस्थ-2028 निर्माण से जुडे यंत्रियों ने आईआईटी मुंबई से सीखा सुरक्षा की प्राथमिकता ,क्षमता संवर्धन