समर्थन मुल्य पर फसल बेचने को लेकर किसान बराबर परेशान सेटेलाइट सर्वे में उलझा किसानों का पंजीयन -केंद्र एवं मंडी फसल ले जाने की बजाय तहसीलों के चक्कर लगाने को मजबूर

 

उज्जैन। समर्थन मुल्य पर गेंहु बेचना टेढी खीर साबित हो रहा है। किसान गेहूं बेचने के लिए मंडी के बजाय तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं। यह वे किसान हैं, जिनके खेतों का सेटेलाइट सर्वे होना है। यह जिम्मा राजस्व विभाग का है। पटवारी, – आरआई को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे सर्वे पूरा कर लें, लेकिन सर्वे करने में लगातार देरी की जा रही है। यदि जरा सा भी डेटा मिसमैच हो रहा है तो वह पुनर्सत्यापन में चला जाता है। सर्वे पूरा नहीं होने के कारण किसान पंजीयन के लिए जाता है तो उसका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। किसानों ने बताया कि तहसील में जवाब दिया जाता है कि पुनरीक्षण होना है, इसलिए अटका है।

सेटेलाइट सर्वे में वे किसान उलझे हुए हैं, जिनके पास दो एकड़ से अधिक जमीन है। इस मामले में खाद्य विभाग से जानकारी ली तो पता चला कि मप्र में कलेक्टरों की जांच में करीब 45 हजार खसरे ऐसे सामने आए हैं, जिनमें कोई निर्माण हो चुका है। मंदिर है, मकान हैं या अन्य कोई शेड है। वहीं ऐसे भी खसरे सामने आए हैं, जिनमें नदी, तालाब आ चुके हैं। ऐसे खसरों का पुर्नसत्यापन कराया जा रहा है। इसलिए सर्वे में देरी हो रही है। हालांकि पहले भी दो बार सर्वे हो चुका है। सर्वे से जुड़े पटवारियों ने बताया कि जब गिरदावरी जमा की गई थी, तब पहला सर्वे हुआ था और दूसरी बार फसल कटने पर।

मजबूरी में औने-पौने दाम में बेच रहे फसल-

इस संबंध में किसान जब कृषि विभाग जानकारी ले रहा है तो उन्हें कहा जा रहा है कि यह राजस्व का काम है। राजस्व से जानकारी लेने पर कहा जा रहा हैं कि  डेटा कृषि विभाग को भेजा जा चुका है। इसके चलते किसान मात्र चक्कर खा रहा है। किसानों का आरोप है कि इस सरकारी लेतलाली से किसान औने-पौने दामों में अपनी उपज बाहर बाजार में बेचने के लिए मजबूर हो गया है।

सोसायटियों में सर्वर डाउन की समस्या-

प्रदेश के सभी जिलों में सहकारी समितियों को 13 के अप्रैल को जारी निर्देश में कहा गया है कि बिना स्लॉट बुक कोई तुलाई नहीं करें। इसे लेकर जब किसान पंजीयन के लिए सोसायटी जाते हैं तो वहां बार-बार सर्वर डाउन की समस्या सामने आ जाती है। इसके चलते घंटों किसान परेशान हो रहे हैं। उन्हें सोसायटियों में कोई पर्याप्त एवं संतुष्टिकारक जवाब नहीं मिल रहा है। वहां एक रटारटाया जवाब दिया जा रहा है कि उपर से ही सर्वर डाउन चल रहा है।

 

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