उज्जैन। वन विभाग ने शाजापुर जिले में कृष्णमृग एवं नीलगाय के रेस्क्यू एवं स्थानांतरण अभियान के प्रथम दिन ढाई घंटे में ही शतक लगाया है। प्रथम दिन सुबह 8.30 बजे के लगभग अभियान की शुरूआत की गई और लगभग 11.30 बजे के बीच हन्नूखेड़ी और पोलायकला के खेतों से लगभग 100 कृष्णमृगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।वन विभाग के अनुसार अभियान वन्यजीवों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने और फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या के समाधान की दिशा में दूरदर्शी पहल का हिस्सा है। मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशन टीम के सहयोग से शाजापुर जिले के चिन्हित क्षेत्रों में 09 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक कृष्णमृग एवं नीलगाय के रेस्क्यू एवं ट्रांसलोकेशन का अभियान संचालित किया जा रहा है।कूनों नेशनल पार्क भेजा- शनिवार को टीम ने सुबह के समय करीब ढाई घंटे चलाए गए अभियान में ही करीब 100 कृष्णमृगों को बोमा में घेर दिया। इस दौरान अभियान के लिए हेलीकाप्टर ने एक उडान भरी थी। बोमा में घेरने के बाद कृष्णमृगों को वन्य जीवों के विशेष ट्रकों में भरकर कूनो राष्ट्रीय पार्क के लिए भेजा गया है।शनिवार से शुरू किए गए अभियान के दौरान ग्रामीणों ने उल्लेखनीय सहयोग और संयम दिखाया। उन्होंने खेतों में प्रवेश नहीं किया और कुत्तों को खुला नहीं छोड़ा। क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे और उन्होंने पकडे गए कृष्णमृगों के स्थानांतरण के लिए रवाना किए जा रहे वाहनों को हरी झंडी दिखाई।प्रमुख सचिव खुद पहुंचे-अभियान का मार्गदर्शन प्रमुख सचिव वन राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभांजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समिता राजौरा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णमूर्ति, कलेक्टर ऋजु बाफना तथा अभियान के नोडल अधिकारी एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ. किरण बिसेन सहित अन्य अधिकारियों ने किया। अभियान में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 07 वनमंडलाधिकारी शामिल है।
गर्मी बढते ही रोका अभियान-
रेस्क्यू एवं ट्रांसलोकेशन अभियान की नोडल अधिकारी एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ. किरण बिसेन ने बताया कि दिन में तापमान बढ़ने के कारण शेष रेस्क्यू कार्य पशु-कल्याण को प्राथमिकता देते हुए रोक दिया गया। अभियान 11 अक्टूबर को इसी स्थल पर पुनः जारी रहेगा। जिला प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारियों ने पून: ग्रामीणों से अपील की है कि अभियान के दौरान खेतों से दूर रहें, पालतू कुत्तों को सुरक्षित रखें तथा अनावश्यक भीड़ न लगाएँ।
कुछ जिलों के पशु चिकित्सकों को बुलावा-
अभियान को लेकर वन विभाग की और से आसपास के जिलों के पशु चिकित्सकों को बुलाया गया है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार उन्हें मुख्य वन संरक्षक की और से पत्र मिला था जिसमें पशु चिकित्सकों की मांग की गई थी। इसके चलते उज्जैन से 2 पशु चिकित्सकों को डयूटी पर लगाया गया है। अन्य जिलों की जानकारी भी सामने आ रही है।