रात 11 बजे कॉबिंग गश्त पर निकला पुलिस का अमला

उज्जैन। कानून व्यवस्था को बनाये रखने और बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिये रात 11 बजे जिले में पुलिस का अमला कॉबिंग गश्त निकला। पिछले चार दिनों से पुलिस मैदान में दिखाई दे रही है। बदमाशों में कानून का खौफ दिखाई देने लगा है।
पिछले दिनों 26 अगस्त और 27 अगस्त की रात हुई 3 हत्या के बाद शहर का माहौल बिगड़ता दिखाई देने लगा था। इससे पहले 18 जुलाई को नीलगंगा क्षेत्र में दोहरे हत्याकांड ने भी सनसनी फैला दी थी। पुलिस सावन माह में देशभर से आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त थी, जिसके चलते बदमाशों के हौंसले बुलंद होने लगे थे, लेकिन पुलिस कप्तान प्रदीप शर्मा ने सावन माह पूरा होते ही गुंडे-बदमाशों पर अंकुश लगाने के लिये मैदान संभाल लिया है। पिछले तीन दिनों से शहर में सख्त चैकिंग अभियान, संदिग्धों की धरपकड़, चाकूबाजों के जुलूस निकाले जा रहे थे। जिले में रात 11 बजे बाद बाजार बंद कराया जा रहा था, वहीं मंगलवार रात 11 बजे अभियान को आगे बढ़ाते हुये पूरे जिले में पुलिस का अमला पुलिस कप्तान के निर्देशन में कॉबिंग गश्त पर निकल पड़ा। पुलिस द्वारा रात में स्थाई और गिरफ्तार वारंटियों की तलाश में उनके घरों पर दबिश दी जा रही थी। हर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशिटर बदमाशों को चैक किया जा रहा था, संपत्ति संबंधित अपराधियों को चैक कर उनकी गतिविधियों की जानकारी एकत्रित की जा रही थी। सड़कों पर देर रात घूमने वालों से पूछताछ की जा रही थी। संदेह होने पर हिरासत में लेकर थाने भेजा जा रहा था। गश्त में शामिल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तड़के चार बजे तक पुलिस द्वारा कॉबिंग अभियान चलाया जायेगा। शहर के साथ ही ग्रामीण थाना क्षेत्रों में भी एसडीओपी, थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मैदान संभाले हुये थे। पिछले कुछ दिनों से पुलिस की कार्यशैली को देखते हुये आम लोगों ने राहत की सांस ली थी। पुलिस का मकसद जिले में आमजन में सुरक्षा की भावना को बढ़ाना और अपराधियों मे खौफ पैदा करना है।

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