भोपाल के युवक ने झांसा देकर कराया ट्रांजेक्शन.. समझौता कराने के नाम पर 21 लाख की धोखाधड़ी

उज्जैन। न्यायालय में विचाराधीन चैक बाउंस के मामले में समझौता कराने के नाम पर युवक के साथ 21 लाख की धोखाधड़ी हो गई। युवक ने मामले की शिकायत पुलिस को आवेदन सौंपकर की। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की है। इंदौर-देवास रोड इंजीनियरिंग कॉलेज केम्पस कन्या छात्रावास के पास रहने वाले ईशान पिता जितेन्द्र श्रीवास्तव ने नानाखेड़ा थाना पुलिस को शिकायती आवेदन सौंपते हुये बताया था कि उसके साथ चैक बाउंस के मामले में समझौता करने के नाम पर भोपाल के बिट्ठलनगर लालघाटी पर रहने वाले चेतन शर्मा नामक युवक ने 21 लाख की धोखाधड़ी की है। उसके द्वारा अप्रैल माह में पांच बार पैसे मांगे। पहली बार में सौ रूपये का ट्रांजेक्शन किया गया, दूसरी बार 4 लाख 99 हजार 999, तीसरी बार 15 लाख उसके बाद 60 हजार और फिर 40 हजार का ट्रांजेक्शन बैंक खाते और आरटीजीएस के माध्यम से कराया। एक लाख का ट्रांजेक्शन चेतन ने अपनी पत्नी प्रज्ञा के अकाउंट में भी कराया था। रूपये देने के 4 माह बाद भी न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण में समझौता नहीं हुआ है। थाना प्रभारी नरेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि आवेदन की जांच और ट्रांजेक्शन का रिकार्ड सामने आने पर मामले में ईशान श्रीवास्तव की शिकायत पर चेतन शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 318 (4) में प्रकरण दर्ज किया गया है। एक टीम आरोपी की तलाश में भोपाल भेजी जायेगी।
62.54 लाख का तोड़ 40 लाख में
ईशान श्रीवास्तव ने पुलिस को शिकायत में बताया कि उसके पिता शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर है। पिता लम्बे समय से डायलिसीस पर है। माता को भी गंभीर बीमारी है। दोनों के खिलाफ सुमित और उसके पिता अशोक कुमार निवासी फव्वारा चौक द्वारा धोखाकर 62.54 लाख के चैक बाउंस का मामला बना दिया था। जो न्यायालय में विचाराधीन है। पिता को जीवन रक्षा अस्पताल ले जाना पड़ता है। इसी बीच चेतन से पहचान हुई थी, उसने 62 लाख के मामले का 40 लाख में समझौता करने की बात कहीं। बीमार माता-पिता को चिंता से मुक्त रखने के लिये वह चेतन की बातों में आ गया था।
पैसे देने पर भी नहीं सुलझा प्रकरण
शिकायत दर्ज कराने वाले ईशान ने पुलिस को बताया कि चेतन ने भरोसा दिलाया था कि पैसे देने के बाद कुछ दिन बाद ही राजीनामा हो जायेगा। उसने 2 दिनों में उसे 21 लाख रूपये चेतन के बताये खाते में भेज दिये थे, लेकिन सुमित अग्रवाल ने समझौता नहीं किया। चेतन ने भी जवाब देना बंद कर दिया था। चेतन ने यश गौर की सहायता से 21 लाख की राशि प्राप्त की है।

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