उज्जैन। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले और फोटो वीडियो वायरल करने की धमकी देने वाले आरोपी को न्यायालय ने 16 माह बाद 20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र कुमार खांडेगर ने बताया कि 23 जून 2025 को पीड़िता 15 साल 9 माह की बालिका ने महिदपुर थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि वह कक्षा दसवीं तक पढ़ी है। वर्ष 2019 में माता-पिता इंदौर रहने चले गये थे। वह दादा-दादी के साथ रहती थी। कक्षा 9 वीं की पढ़ाई के दौरान 2023 में उसकी पहचान साथ में कोचिंग पढ़ने वाले भावेश पिता सोनू योगी से हुई थी। उसके द्वारा पसंद करने की बात कहीं थी। दिसंबर 2023 को घर पर अकेली थी उसी दौरान भावेश आया और कोचिंग संबंधित बात करने के बहाने घर में आ गया। उस दौरान उसने झांसे में लेकर शारीरिक संबंध बना लिये और धमकी दी कि यदि यह बात किसी को बताई तो उसे जान से खत्म कर देगा। उसके बाद से लगातार वह जबरदस्ती संबंध बनाने लगा। उसकी हरकतों से परेशान होकर माता-पिता के घर इंदौर चली गई थी। भावेश ने फोन कर धमकाया कि वापस महिदपुर नहीं आई तो उसके फोटो-वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल कर बदनाम कर देगा। पुलिस ने मामला गंभीर होने पर धारा 64, 64(2)एम, 65(1), 296, 351(3) और 5 एल/6, 3/4 पॉस्को एक्ट का प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद शुरू हुई सुनवाई 16 माह तक चली। गुरूवार को विशेष न्यायाधीश पास्को अधिनियम एंव तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश सनोडिया द्वारा फैसला सुनाते हुये आरोपी को 20 साल कठोर कारावास और 13 हजार अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में कमल सिंह गोयल, विशेष लोक अभियोजक महिदपुर द्वारा पैरवी की गई।
नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा