शाजापुर। जिले में आदिवासी हितग्राहियों के लिए संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में हितग्राहियों के साथ हुई ठगी के मामले का खुलासा दैनिक अवन्तिका ने किया था। किए गए खुलासे के बाद विशेष न्यायालय के आदेश पर अजाक थाना पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मत्स्य विभाग और बैंक के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।प्रकरण ग्राम शादीपुरा के आदिवासी युवक रोहित भिलाला और विकास भिलाला से जुड़ा है। दोनों का आरोप है कि उन्हें मत्स्य विभाग की 90 प्रतिशत अनुदान वाली योजना के तहत 18-18 लाख रुपये कीमत के इन्सुलेटेड मछली परिवहन वाहन दिलाने का झांसा दिया गया। आरोप है कि अनिल चन्द्रपाल, सीताराम चन्द्रपाल और इन्द्रसिंह गुर्जर ने स्वयं को विभाग से जुड़ा बताकर उनके दस्तावेज लिए, बैंक ऑफ बड़ौदा में खाते खुलवाए और छह-छह कोरे चेक पर हस्ताक्षर करा लिए।
परिवाद के अनुसार, 10 मार्च 2026 को दोनों हितग्राहियों के खातों में 18-18 लाख रुपये की सरकारी अनुदान राशि जमा हुई। अगले ही दिन कोरे चेकों का उपयोग कर पूरी राशि अलग-अलग निजी खातों में स्थानांतरित कर दी गई। इसके बाद राठी मोटर्स, शाजापुर के माध्यम से दोनों को लगभग 8-8 लाख रुपये कीमत की साधारण लोडिंग बोलेरो बिना बॉडी के दे दी गई। वाहन उपयोग योग्य बनाने के लिए दोनों भाइयों को अलग से करीब 1.50-1.50 लाख रुपये ब्याज पर उधार लेकर बॉडी बनवानी पड़ी।दोनों हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी तब लगी, जब जनपद पंचायत और बाद में मत्स्य विभाग के पत्रों से पता चला कि शासन ने उनके नाम पर इन्सुलेटेड वाहन स्वीकृत किए थे। शिकायत कलेक्टर, एसपी और अजाक थाना में करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने विशेष न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
विशेष न्यायाधीश अंजनी नंदन जोशी ने 30 जुलाई 2026 को आदेश पारित कर अजाक थाना को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के पालन में पुलिस ने अनिल चन्द्रपाल, सीताराम चन्द्रपाल, इन्द्रसिंह गुर्जर तथा राठी मोटर्स के संचालक निलेश राठी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।इस मामले में अभिभाषक मनीष दवे ने बताया हितग्राही रोहित भिलाला एवं विकास भिलाला दोनों निवासी ग्राम शादीपुरा को मत्स्य विभाग के माध्यम से 18-18 लाख के इन्सुलेटेड वाहन मछली परिवहन के लिए दिए जाना थे लेकिन इनके साथ धोखाधड़ी कर इन्हें 8-8 लाख के लोडिंग बोलेरो वाहन दिए गए। बोलेरो वाहन की बाॅडी भी 1 लाख 50 हजार रुपए खर्च कर दोनों हितग्राहियों ने ब्याज से रूपए उधार लेकर बनवाई। जनपद पंचायत के माध्यम से इन्हें पता चला इनके साथ धोखाधड़ी हुई। दोनों ने धोखाधड़ी की शिकायत कलेक्टर एवं एसपी शाजापुर को की। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर विशेष न्यायालय में परिवाद लगाया गया। परिवाद लगाएं जाने के बाद विशेष न्यायाधीश अंजनी नंदन जोशी ने 30 जुलाई 2026 को आदेश पारित कर चार आरोपियों के खिलाफ 10 अगस्त मामला दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने अभी चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जांच के पश्चात इसमें आरोपियों की संख्या बढ़ेगी। मत्स्य विभाग एवं बैंक के अधिकारी-कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं, जिन्हें जांच के पश्चात आरोपी बनाया जाएंगा।अजाक थाना प्रभारी रामचंद्र नागर ने बताया कि विशेष न्यायालय के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान यदि मत्स्य विभाग, बैंक या अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।