थैलेसेमिया प्रभावित 300 बच्चों एवं रक्त जरूरतमंदों की सहायतार्थ ‘दा साब’ स्व. श्री गोवर्धनलाल जी मेहता की 111 वीं जयंती पर ‘रक्तांजलि’ -वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ और उज्जयिनी रक्त संचार संस्था 26 जुलाई को करेगी रक्तदान का आयोजन

उज्जैन।

दैनिक अवंतिका के पितृपुरूष परमश्रद्धेय पं.गोवर्धनलाल मेहता ‘दा साब’की 111वीं जयंती 26 जुलाई रविवार पूर्वान्ह 11 बजे से कासमास माल,नानाखेडा उज्जैन में रक्तदान का आयोजन किया जा रहा है। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ और उज्जयिनी रक्त संचार संस्था की सहभागिता के मेगा रक्तदान शिविर में ‘दा साब’ को रक्तांजलि दी जाएगी। इस स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजन से उज्जैन में थैलेसिमिया से प्रभावित करीब 300 बच्चे लाभांवित होंगे और उनके परिजनों को सहायता मिल सकेगी।

मुख्य आयोजक वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ  के वेस्टर्न रेलवे मंडल मंत्री अभिलाष नागर ने बताया कि ‘दा साब’ का मजदूर संघ के प्रारंभिक काल से गहरा नाता रहा । उन्होंने अपने जीवनकाल में सदैव समाजहित, जनसेवा और मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी जयंती पर आयोजित यह रक्तदान शिविर उनके आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ मानव सेवा का श्रेष्ठ माध्यम बनेगा। सहयोगी आयोजक उज्जयिनी रक्त संचार समिति इसमें अधिक से अधिक रक्तदान के लिए  आमजन को प्रेरित करेगा।

दान दाता कम लेने वाले ज्यादा-

दोनों ही संस्था की और से बताया गया कि वर्तमान समय में दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन, थैलेसीमिया तथा अन्य आपात परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह है कि रक्तदान करने वाले कम हैं और उसे खरीदकर लेने वालों की संख्या अधिक है । ऐसे में इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

प्रतिमाह बच्चों को 300 युनिट की जरूरत-

उज्जैन जिला अस्पताल ब्लड बैंक प्रभारी डा.संगीता गुप्ता के अनुसार  प्रत्येक वर्ष के गर्मी के माह अप्रेल –मई में ब्लड बैंक में दान से मिले रक्त में कमी आ जाती है। उसकी वजह इन दो माह में रक्तदान कम होता है। इस  कारण से आवश्यकता वाले लोगों को परेशानी होती है। खासकर उज्जैन के थैलेसिमिया से ग्रस्त करीब 200 से अधिक नन्हें –मुन्ने बच्चों को इस परेशानी का सामना करना पडता है। प्रति माह ऐसे बच्चों को ब्लड बैंक करीब 300 युनिट रक्त नि:शुल्क उपलब्ध करवाता है। ब्लड बैंक की क्षमता 900 युनिट ब्लड रखने की है।

दोनों संस्था की रक्तदान की अपील-

उज्जयिनी रक्त संचार समिति की ओर से सुनील गुप्ता, रूपेश बीडवान, अलका शर्मा एवं रितेश बोरिया तथा वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की ओर से अभिलाष नागर, चैतन्य चौधरी, नरेंद्र सहगल, शेख जमील, अविनाश श्रीवास, अनिल देवड़ा, मुश्ताक खान एवं जी.आर. जरिया ने शहर के युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, कर्मचारियों एवं सभी जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुँचकर स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है।

रक्तदान ही नहीं जीवनदान है-

आयोजकों ने कहा कि रक्तदान महादान है। आपके द्वारा किया गया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस पुनीत अभियान में सहभागी बनकर मानव सेवा के इस महायज्ञ को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए’ प्रेरित करने का आग्रह किया है।

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