उज्जैन। आॅनलाइन साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे है। एक बार फिर डॉक्टर और कर्मचारी के साथ 3.10 लाख की धोखाधड़ी होने के मामले 2 थाना पुलिस ने दर्ज किये है।
पहला मामला चेरिटेबल अस्पताल में पदस्थ डॉ. संतोष दुबे के साथ हुआ था। जीवाजीगंज थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने बताया कि डॉ. दुबे ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होने अपना सैलरी अकाउंट चैक किया था, उस दौरान ना तो किसी को ओटीपी बताया, ना ही किसी को जानकारी दी। उसके बाद भी उनके खाते से 3 से 4 बार राशि का ट्रांजेक्शन होने के मैसेज मोबाइल पर प्राप्त हुये। उनके खाते से 1.10 लाख रूपये अज्ञात बदमाश द्वारा निकाल लिये गये है। थाना प्रभारी ने बताया कि खाते से राशि निकलने पर आॅनलाइन साइबर हेल्प लाइन नम्बर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, जहां से मामला जांच के लिये आने पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। डॉ. दुबे का जिस बैंक में खाता है, वहीं से जानकारी प्राप्त कर पता लगाया जायेगा कि उनके खाते से ट्रांजेक्शन हुई राशि किस खाते में और कहां गई है।
दूसरा मामला ग्रेसिम कालोनी का
आॅनलाइन धोखाधड़ी का दूसरा मामला बिरलाग्राम थाना क्षेत्र की ग्रेसिम स्टॉफ कालोनी का है। ग्रेसिम कंपनी में राजेन्द्र पिता देवीदास धामने कर्मचारी है। 9 सितंबर को उनके मोबाइल पर कॉल आया और बताया गया कि ऐक्सीस बैंक का क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है। कार्ड को जारी रखने के लिये लिंक पर जानकारी देना होगी। राजेन्द्र ने लिंक मिलने पर उस पर जानकारी दी। मोबाइल पर ओटीपी आया, जिसे बताया गया तो खाते से 2 लाख 572 रूपये का आॅनलाइन ट्रांजेक्शन हो गया। पुलिस के अनुसार मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है।
हर दिन सामने आ रहे मामले
जिले में हर दिन आॅनलाइन धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे है। ठगों द्वारा झांसा देकर लोगों को अपनी बातों में फंसाया जा रहा है उनके खाते खाली किये जा रहे है। साइबर ठगों द्वारा मोबाइल हैक कर उनकी डिटेल भी प्राप्त की जा रही है। पिछले 3 माह में जिले की पुलिस 35 से 40 मामले आॅनलाइन धोखाधड़ी के दर्ज कर चुकी है। कुछ ठगी का शिकार लोगों की राशि भी पुलिस लौटाने में सफल रही है।
जागरूकता के बाद भी धोखाधड़ी
लगातार आॅनलाइन फ्रॉड के मामलों को लेकर पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्कूल, कॉलेज सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को फ्रॉड से बचने की जानकारी दी जा रही है। ठगी करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है, बावजूद पढ़े-लिखे लोग भी ठगों की बातों में फंसकर ओटीपी के साथ जानकारी बता रहे है।
डॉक्टर और कर्मचारी के साथ 3.10 लाख की धोखाधड़ी साइबर ठगों ने फिर 2 खातों से किया ट्रांजेक्शन