चौडीकरण के बावजूद बाजारों के हाल बूरे, वाहनों का जाम आमसतीगेट मार्ग पर चौडीकरण के बाद भी नहीं बदले हाल

उज्जैन। सिंहस्थ 28 को देखते हुए शहर के कई मार्गों का चौडीकरण किया जा रहा है,कुछ का कर दिया गया है और कुछ आधी स्थिति में हैं। ऐसे में जिन मार्गों का चौडीकरण किया गया है वहां की व्यवस्था में स्थानीय व्यवसायियों को बदलाव अपेक्षित था लेकिन ऐसा नहीं होने से व्यवसायी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इन्ही में शामिल सतीगेट मार्ग की स्थिति भी कुछ ऐसी ही उभरकर सामने आ रही है।वैसे तो कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक यह मार्ग चौडा किया गया है। चौडीकरण के उपरांत यह मार्ग कंठाल से गोपाल मंदिर तक 15 मीटर किया जाना है। अब तक मार्ग कंठाल से छत्रीचौक तक चौडा किया गया है। इससे क्षेत्र में बदलाव अपेक्षित किया जा रहा है लेकिन अब भी पूर्ववत हालातों में ही मार्ग का संचालन जारी है।

अब भी बीच में वाहनों की कतार-कंठाल से सतीगेट मार्ग पर त्यौहार के दौर में चौडीकरण से पूर्व जैसे ही हालात अब भी देखे जा रहे हैं। पूर्व में भी यहां बीच सडक दो पहिया वाहनों को खडा कर दिया जाता था और अब भी यही स्थिति बनी हुई है। प्रवेश एवं निर्गम की स्थिति में यहां मार्ग पर दोनों और से आवागमन और बीच में चौराहा की स्थिति में आवागमन पूरी तरह से बाधित रहता है। यही स्थिति छत्री चौक के मुहाने पर भी बनती है। दोनों और आवागमन में बाधा की स्थिति कायम है। दिन भर यहां दो पहिया वाहनों के साथ ई-रिक्शा उलझे रहते हैं। अधूरे निर्माण के कारण से कई सारी समस्याएं हैं तो सडक के बीच में दुकानों का लगना भी समस्या को बढा रहा है।

दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित-अभी त्यौहार की आहट के समय ही चौडीकरण किए गए इस मार्ग पर हाल बूरे हैं। ऐसे में त्यौहार के मूल अवसरों को लेकर व्यवसायी आशंकित हैं कि यही स्थिति आगे भी कायम रही तो पूर्व में चौडीकरण के दौरान भी उनका व्यवसाय प्रभावित रहा है और अब फिर से उन्हें नुकसान उठाना पड सकता है। चौडीकरण के बाद भी अव्यवस्थित यातायात,अधूरा निर्माण इसमें बाधा है। व्यवसायियों का कहना है कि उन्होंने अपने हिस्से की जमीन देकर चौडीकरण में सहयोग किया इसके बाद भी हालात नहीं बदले हैं तो इससे उन्हें आघात पहुंच रहा है वो मानसिक एवं आर्थिक दोनों तरह से हैं।

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