चार पद खालीलेकिन आठ साल से एक ही डॉक्टर के भरोसे पशुधन की सेहत

 सारंगपुर।चार पद स्वीकृत, लेकिन आठ साल से जिम्मेदारी एक ही स्थायी पशु चिकित्सक के कंधों पर। पशुओं का इलाज हो या गौशालाओं में बीमार गोवंश की देखभाल, टीकाकरण हो या पशुपालकों की समस्याओं का समाधान, सारंगपुर विकासखंड में डॉ. अमित शाक्या सीमित अमले के बीच लगातार सेवाएं दे रहे हैं। मुरैना जिले के ग्राम जौरा में जन्मे डॉ. शाक्या ने सारंगपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया। गौसेवा के प्रति समर्पण और विभागीय कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मान भी मिल चुका है।
चार पद स्वीकृत, व्यवस्था का भार सीमित अमले पर-सारंगपुर विकासखंड में पशु चिकित्सा अधिकारियों के चार पद स्वीकृत हैं, लेकिन डॉ. शाक्या के अनुसार, वर्ष 2018 से वे एकमात्र स्थायी पशु चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में पशुओं के उपचार के साथ विभागीय योजनाओं का संचालन, गौशालाओं में स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और पशुधन विकास कार्यक्रमों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां भी निभानी पडती हैं। मैदानी कर्मचारियों और मैत्री कार्यकर्ताओं का सहयोग इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण है। हालांकि, रिक्त पदों की पूर्ति होने से पशुपालकों को सेवाएं उपलब्ध कराने में और आसानी हो सकती है।

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