बडौद _ जनवरी 2026 मैं राजस्थान के झालावाड़ जिले के ग्राम घाटाखेड़ी में कोतवाली आगर पुलिस द्वारा की गई चर्चित एनडीपीएस कार्रवाई से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण कानूनी मोड आ गया है! अपर सेशन न्यायाधीश राजीव दत्तात्रेय भवानीमंडी जिला झालावाड़ ने पुलिस की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए choemela न्यायालय के 11 जून 2026 के मूल आदेश तथा 15 जून 2026 के संशोधित आदेश को निरस्त कर दिया है! न्यायालय ने अपने आदेश में कहां की विचरण न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223(2) एवं धारा 174(4) के प्रावधानों के आलोक में विधिक बिंदुओं पर पुनर्विचार करें तथा दोनों पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर देने के बाद विधि सम्मत नया आदेश पारित करें! उसी उद्देश्य से प्रकरण को पुनः विचरण न्यायालय को रिमांड कर दिया गया है! चोमेला न्यायालय के पूर्व आदेश के आधार पर डग थाने में आगर कोतवाली की तत्कालीन थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बडौद थाना प्रभारी रूपसिंह बेस राजपूत, एएसआई राखी गुर्जर, अजय जाट, राहुल विश्वकर्मा, शुभम जोशी सहित अन्य पुलिसकर्मियों सहित 90 लोगो के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी! रिपोर्ट के बाद मध्यप्रदेश पुलिस महकमें में हलचल मच गई थी! यह था पूरा मामला-मामला 28 जनवरी 2026 को राजस्थान के डग थाना क्षेत्र के ग्राम घाटाखेड़ी में की गई उस करवाई से जुड़ा है जिससे आगर कोतवाली पुलिस ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स निर्माण सामग्री बरामद करने तथा दो आरोपीयो को गिरफ्तार करने का दावा किया गया था! करवाई की वैधता पर उठे थे सवाल-कोर्ट के निर्देश पर झालावाड़ पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा से कराई थी! जांच रिपोर्ट में वेधता और पारदर्शिता पर कई सवाल उठाए गए! सेशन न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि विचरण न्यायालय पहले दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देगा और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए नया आदेश पारित करेगा! ऐसे में डग थाने में दर्ज रिपोर्ट और उससे जुड़े पूरे प्रकरण पर आगे कार्रवाई अब विचरण न्यायालय के नए आदेश पर निर्भर करेगी! इस आदेश के साथ जनवरी 2026 की चर्चित एनडीपीएस कार्रवाई से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर शुरुआती स्तर पर पहुंच गई है और अब सभी की नजर विचरण न्यायालय में होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी!
ग्राम घाटाखेड़ी मै एनडीपीएस करवाई_ सेशन कोर्ट ने रिपोर्ट के आदेश किए निरस्त