उज्जैन। आज से देवासगेट बस पूरी तरह से बंद कर दिया जायेगा। सुबह से आरटीओ की स्क्वाड देवासगेट पर तैनात हो जायेगी, ताकि कोई बस यहां तक नहीं पहुंच सके। अगर बस पहुंची तो परमिट निरस्त करने के साथ आरसी कैंसिल करने की कार्रवाई की जायेगी।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर आगररोड से इंदौरगेट तक एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण कार्य किया जा रहा है। क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बनाये रखने के लिये देवासगेट बस स्टेंड को बंद करने का निर्णय लिया था। आज से बसों का संचालन नानाखेड़ा से होगा। क्षेत्रीय परिवहन विभाग (आरटीओ) ने इसके आदेश पूर्व में जारी कर दिये थे। बस संचालकों को हिदासत दी गई थी कि 12 अक्टूबर से कोई भी बस देवासगेट पर नहीं आयेगी। नियमों का उल्लघंन करने पर न्यायालयीन कार्रवाई के साथ परमिट और आरसी निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी। बसों को देवासगेट आने से रोकने के लिये आज सुबह से आरटीओ की स्क्वाड तैनात हो जायेगी। थाना क्षेत्र पुलिस के साथ यातायात विभाग की टीम भी मौजूद रहेगी। देवासगेट से प्रतिदिन 170 के लगभग बसों का संचालन होता था। पूर्व में इंदौर और तराना-मक्सी की बसों को नानाखेड़ा स्थानांतरित कर दिया गया था बावजूद इसके बसों को संचालन देवासगेट से हो रहा था। इस बार देवासगेट बस स्टेंड को पूरी तरह से नानाखेड़ा शिफ्ट करने की योजना तैयार कर ली गई है। नानाखेड़ा पर यात्रियों की सुविधा को लेकर सभी इंतजाम भी किये गये है।
शाम से कम होने लगी थी बसों की संख्या
क्षेत्रीय परिवहन विभाग के सख्त निर्देशों के बाद रविवार शाम से देवासगेट पर बसों की संख्या कम होने लगी थी। वीडियो कोच बसों की संख्या भी काफी कम हो गई थी। दोपहर में आखिरी फेरे पर रवाना हुई बसें रात में देवासगेट ना आकर नानाखेड़ा की ओर जा रही थी। बसों की संख्या कम होती देख क्षेत्र के व्यापारियों में भी संशय बढ़ने लगा था। विदित हो कि 12 साल पहले भी सिंहस्थ के दौरान बस स्टेंड को स्थानांतरित किया गया था। उसके बाद लगातार देवासगेट बस स्टेंड को नानाखेड़ा भेजने के प्रयास होते रहे। लेकिन इस बार विकास कार्यो को देखते हुये पूर्ण रूप से देवासगेट बस स्टेंड को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
व्यापारी बोले खत्म हो जायेगा व्यवसाय
देवासगेट बस स्टेंड में नगर निगम द्वारा दुकानों का निर्माण किया गया था। कई व्यापारियों ने व्यवसाय शुरू किया था। वहीं बस स्टेंड के बाहरी क्षेत्र देवासगेट थाने के आसपास भी सौ से अधिक दुकाने, भोजनालय, पान की गुमटी, फलो के ठेले लगते थे। जिनका बस स्टेंड की वजह से अच्छा व्यापार-व्यवसाय जम चुका था। लेकिन बस स्टेंड के जाने से व्यापारियों का कहना था कि उनका व्यवसाय अब खत्म हो जायेगा। उन्हे नानाखेड़ा पर दुकान लगाने की जगह भी नहीं मिलेगी।
आज से यात्री बसों को संचालन नानाखेड़ा से… देवासगेट बस स्टेंड पर तैनात रहेगी आरटीओ स्क्वाड