अब उज्जैन में नहीं सुलभ भू-जल स्तर की जानकारी भू-जल स्तर गिरा, नलकूप खनन पर प्रतिबंध -दो वर्ष पूर्व कार्यालय इंदौर के अधिनस्थ किया गया

उज्जैन। जिले में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए संपूर्ण जिले में अशासकीय एवं निजी नलकूप खनन पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। जिले में भूजल के स्तर की स्थिति वर्तमान में क्या है यह जानना अब सुलभ नहीं है। जिले का कार्यालय दो वर्ष पूर्व इंदौर के कार्यालय में मर्ज कर दिया गया था तभी से जिले के भू-जल की जानकारी मिलना संभव नहीं हो पा रही है। वैसे मई मध्य से अंत तक भूजल के स्तर की जांच इससे संबंधित विभाग जिले के तहसील केंद्रों पर करता है।

उज्जैन जिले में भूजल का स्तर पिछल वर्षों में ही काफी समस्याकारक स्थिति में रहा है। इस बार गर्मी के दौरान इसकी स्थिति और अधिक बिगडने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके चलते नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना समयानुकुल निर्णय है। वैसे भी फसल आने के उपरांत नलकूप खनन की बाढ आ जाती है। कृषकों के पास पैसा होने पर वे फसल के लिए पानी जुटाने की जुगाड सबसे पहले लगाते हैं।

दो वर्ष पूर्व कार्यालय मर्ज-

दो वर्ष पूर्व उज्जैन का भूजल सर्वेक्षण कार्यालय इंदौर के कार्यालय में मर्ज कर दिया गया था। यहां का रेकार्ड एवं कार्यालय संसाधन भी इंदौर कार्यालय स्थानांतरित कर दिया गया था। कर्मचारियों को यहां जल संसाधन विभाग के अंतर्गत मर्ज किया गया था। शासन निर्णय के आधार पर इसे अमली जामा पहनाया गया था। पिछले दो वर्ष से उज्जैन के भूजल की स्थिति ही सामने नहीं आ पा रही है। वर्ष में चार बार भूजल का सर्वेक्षण किया जाता है। इसी आधार पर तय किया जाता है कि भूजल की स्थिति जिले में क्या है।

रिचार्जिंग को लेकर काम नहीं-

 जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों नलकूप बंद हो जाते हैं जिन्हें ऐसे ही छोड दिया जाता है। उनके रिचार्जिंग को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। पटवारी हल्का वार अगर इस पर काम किया जाए तो धरती के दामन को भी पानी से भरा जा सकता है और बंद कई नलकूपों को एक बार फिर से जीवनदान की स्थिति बन सकती है। अन्य प्रदेशों में इसे लेकर गंभीरता से काम किए जा रहे हैं। इसके चलते कई नलकूपों को जिवित किया गया है।

जिले की सीमा में बोरिंग मशीन प्रवेश नहीं करेगी-

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने ग्रीष्म ऋतु में भू जल स्तर में गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए संपूर्ण जिले में अशासकीय एवं निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया है । आदेशानुसार जिले की सीमा में नलकूप / बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं करेंगी (सार्वजनिक सड़कों से गुजर रही मशीन को छोड़कर)। बिना अनुमति के कोई नया नलकूप खनन नहीं करेगी। बिना अनुमति अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधात्मक स्थान पर प्रवेश करने पर मशीन जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। अनुविभागीय अधिकारियों को उनके क्षेत्र के अंतर्गत अपरिहार्य प्रकरणों के लिए एवं अन्य आवश्यक प्रयोजनों के लिए उचित जांच के पश्चात अनुज्ञा के लिए प्राधिकृत किया जाता है। निजी नलकूप एवं अन्य विद्यमान निजी जलस्रोतों का आवश्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए अधिग्रहण किया जा सकेगा।आदेश के उल्लंघन करने पर प्रथम अपराध के लिए पांच हजार रुपए का जुर्माना और पश्चातवर्ती प्रत्येक अपराध के लिए दस हजार रुपए से या कारावास से ,जो दो वर्ष तक का हो सकेगा से दंडनीय होगा। उक्त आदेश शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा।

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