नीमच। नीमच के सीआरपीएफ परिसर में मंगलवार को सीवरेज लाइन के गहरे चैंबर में काम के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। जहरीली गैस या दम घुटने की आशंका के बीच दो मजदूरों की मौत हो गई। सबसे मार्मिक बात यह रही कि एक मजदूर को बचाने के लिए चैंबर में उतरा उसका साथी भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया और दोनों की जान नहीं बच सकी। मृतक महेश (25) पिता जालौर, निवासी नाहरपुरा (जिला झाबुआ), पिछले तीन-चार माह से सीआरपीएफ परिसर में मजदूरी कर रहा था। मंगलवार दोपहर वह सीवरेज लाइन की मरम्मत का काम करने निकला था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसकी पत्नी अनीता बाई उसे तलाशते हुए मौके पर पहुंची। बारिश थमने के बाद उसने निर्माणाधीन सीवरेज चैंबर में झांका तो महेश अंदर बेसुध पड़ा दिखाई दिया।महेश को चैंबर में पड़ा देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उसे बचाने के लिए बिहार के सुपौल निवासी रूपेश (19) पिता रामू शाह तेली हिम्मत कर चैंबर में उतरा, लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैस के कारण वह भी कुछ ही क्षण में बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने दोनों मजदूरों को बाहर निकाला। शाम करीब साढ़े चार बजे सीआरपीएफ की एंबुलेंस और एक टेंपो से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया l जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। कैंट थाना पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाकर मर्ग कायम किया हैl मृतक महेश अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है, घटना के बाद साथी मजदूरों ने ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। की गहरे सीवरेज चैंबर में उतारने के बावजूद मजदूरों को न तो सेफ्टी मास्क दिए गए न ही अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए। उनका आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ।पुलिस कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीआरपीएफ अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद हादसे के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है।
सीआरपीएफ में सीवर चैंबर में उतरे दो मजदूरों की मौत