मंदसौर। अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर गांधी चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे नगर पालिका कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार काम बंद आंदोलन के रूप में परिवर्तित हो गया। 19 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने 26 सितंबर से शुरू की गई भूख हड़ताल के बाद अब पूर्णतः ‘काम बंद’ हड़ताल का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से लगातार ज्ञापन देने के बावजूद शासन और प्रशासन द्वारा उनकी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।संयुक्त मोर्चे के बैनर तले जारी इस आंदोलन में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 15 से 20 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों का स्थायीकरण, अनुकंपा नियुक्ति और हर महीने की 1 से 7 तारीख के बीच नियमित वेतन भुगतान शामिल है। कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग और ठेका पद्धति का विरोध करते हुए शहर के विस्तार को देखते हुए 100 पुरुष एवं 100 महिला सफाई कर्मचारियों की नई भर्ती की मांग की है। इसके अलावा 8 घंटे से अधिक काम का भत्ता, ईपीएफ व वेतन पर्ची की उपलब्धता, और मांग पत्र सौंपने पर उत्पीड़नात्मक नोटिस न देने जैसी मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, काम बंद आंदोलन जारी रहेगा।
सफाई व्यवस्था बिगड़ी: नपा कर्मचारियों ने शुरू किया ‘काम बंद’ आंदोलन