उज्जैन। महाकाल मंदिर दर्शन व्यवस्था को लेकर महापौर द्वारा उठाए गए सवाल और पत्र जारी करने के बाद मंदिर समिति और महापौर के बीच विवाद बढ़ गया है। महापौर और अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा है।दो दिन पहले अवंतिका द्वार से भक्तों को होने वाली असुविधा को लेकर महापौर ने व्यवस्था ठीक करने को लेकर पत्र लिखा तो मंदिर समिति ने उनके कोटे से होने वाली 25 भस्म आरती परमिशन को रोक दिया। इसके बाद विवाद गहरा गया है।महापौर मुकेश टटवाल ने 10 जनवरी को एक पत्र लिखा था कि शहर के श्रद्धालुओं को अवंतिका द्वार पर असुविधा हो रही है। उन्होंने लिखा कि उज्जैन के निवासियों को आधार कार्ड के जरिए अवंतिका द्वार से सुलभ और शीघ्र दर्शन की सुविधा दी गई थी। मकसद स्थानीय श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत दिलाना था।हालांकि, वर्तमान में अवंतिका द्वार से प्रवेश के बाद भी उज्जैन के दर्शनार्थियों को सामान्य कतार में शामिल कर दिया जाता है, जिससे शीघ्र दर्शन का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। उसे मंदिर समिति तत्काल ठीक करे।
मेयर बोले-महाकाल भस्म आरती की मेरी प्रोटोकॉल अनुमति रोकी प्रशासक बोले- गलत मैसेज चलाया गया; महापौर ने दो दिन पहले चिट्ठी लिखी थी