माकडोन में किसान की हत्या, 2 आरोपी हिरासत में विवाद होने पर दी थी धमकी, 4 दिन बाद किया हमला

उज्जैन। जमीन को लेकर हुये विवाद में भाईयों ने जान से मारने की धमकी दी। 4 दिन बाद रात के समय दूध देने जा रहे युवक पर हमला कर दिया। गंभीर घायल युवक को परिवार उज्जैन लेकर आया। जहां उसकी मौत हो गई। प्राणघातक हमले का मामला हत्या में तब्दील किया गया है।
माकडोन के थाना क्षेत्र के ग्राम भरियाखेड़ी में रहने वाला जीवन पिता रामकिशन शर्मा 40 साल खेती किसानी का काम करता था। रविवार रात 8 बजे वह घर से दूध देने के लिये ग्राम पाट बाइक से निकला था। रास्ते में छापरे की पुलिया के पास उस पर बाबूलाल, नंदकिशोर, विरेन्द्र और कृष्णपाल ने घेर लिया। चारों ने लोहे की रॉड, डंडे से जानलेवा हमला किया और भाग निकले। जीवन पर हमला होने की खबर मिलने पर परिवार पहुंचा और उसे गंभीर हालत में उपचार के लिये उज्जैन निजी अस्पताल लेकर आया। कुछ घंटे चले उपचार के बाद रात 3.30 बजे के लगभग जीवन की मौत हो गई। हमला होने के बाद पुलिस मामले में जानलेवा हमले का प्रकरण दर्ज कर चुकी थी। सोमवार सुबह मौत की खबर मिलने पर प्रकरण को हत्या में बदला गया है। थाना प्रभारी प्रदीपसिंह राजपूत ने बताया कि हमले के बाद ही विरेन्द्र और कृष्णपाल को हिरासत में ले लिया गया था। उनके परिवार के दो सदस्यों बाबूलाल और नंदकिशोर की तलाश की जा रही है।
मामूली विवाद में हुई थी मारपीट
बताया जा रहा है कि दशहरा पर्व पर ट्रेक्टर से खेत हांकने के दौरान बाबूलाल के खेत का कुछ हिस्सा खुद गया था। जिसके चलते उनके बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। मामूली रूप से थप्पड-मुक्कों से मारपीट हुई थी। जीवन ने बाबूलाल के दादाजी को थप्पड़ मार दिया था। उस दौरान बाबूलाल ने जान से मारने की धमकी दी थी। दोनों परिवार में राजीनामा होने पर मामला पुलिस के पास तक नहीं पहुंचा था।
थप्पड मारने का बदला हत्या कर लिया
बताया जा रहा है कि बाबूलाल अपने दादाजी को थप्पड़ मारने पर काफी गुस्सा हो गया था, उसे ठान लिया था कि वह जीवन की हत्या कर देगा। दोनों परिवार में राजीनामे के बाद भी वह चार दिनों से जीवन पर खुन्नस रख रहा था। उसने योजना बनाई और रात में दूध लेकर निकले जीवन को पुलिया के सुनसान रास्ते पर घेर भाईयों के साथ मिलकर हमला कर दिया।
3 बच्चों का पिता था मृतक जीवन
सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने बताया कि जीवन 3 बच्चों का  पिता था। आरोप लगाया गया कि हमला करने के दौरान आरोपियों के पास बंदूक थी। जिससे मारा गया, लेकिन गोली लगाने की पुष्टि पोस्टमार्टम के दौरान नहीं हुई है। जीवन कांग्रेस से जुड़ा था। पोस्टमार्टम के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार अस्पताल पहुंचे थे।

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