सोना बेचने का झांसा देकर की 20 लाख की धोखाधड़ी -देशी घी खरीदने के बहाने फंसाया था जाल में, पहले दिये थे 2 मोती

उज्जैन। देशी घी खरीदने के बहाने 3 लोगों ने वृद्ध को अपने जाल में फंसाया और खुदाई में मिला सोना कम कीमत में बेचने की बात कहीं। वृद्ध उनकी बातों में आ गया और 20 लाख दे दिये। लेकिन उसे ना तो सोना मिला ना ही दिये गये रूपये वापस मिल पाये। आरोपियों में एक महिला शामिल है।
पूरा घटनाक्रम मंदसौर से शुरू होकर उज्जैन तक पहुंचा। धोखाधड़ी मंदसौर के ग्राम नांदवेल निवासी परिवार के साथ सामने आई है। जो उज्जैन तक आया था। परिवार के रमेश पिता धन्ना गायरी 57 साल ने नीलगंगा थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई कि 25 दिन पहले जावरा मंडी में उसे एक महिला और दो युवक मिले थे, उन्होने देशी घी खरीदने की बात कहीं। उसने देशी घी नहीं होने की बात कहीं तो उन्होने कहा कि उन्हे खुदाई में 1 किलो सोना मिला है। वह बाजार में नहीं बेच सकते है। लेकिन कम कीमत में किसी को बेच देगें। उन्होने 2 मोती और अपना मोबाइल नम्बर 8115364897 और 8112967689 दिया। उसने अपने गांव लौटकर मोती सुनार को दिखाये तो उसने सोने के होना बताया। कम कीमत में सोना मिलने के लालच में आकर उसने मोबाइल नम्बर पर संपर्क किया। उन्होने बताया कि अपना नाम मानसिंह, सागर और सोनिया बताया और कहा कि उज्जैन में जेसीबी चलाते है। सोना खरीदना है तो उज्जैन आ जाओ। वह 20 लाख रूपये लेकर 15 अक्टूबर को उज्जैन आया। तीनों ने शांति पैलेस चौराहा पर आने की बात कहीं। उन्होने बातों में उलझाया और 20 लाख रूपये लेकर बिना सोना दिये भाग निकले। नीलगंगा थाना पुलिस के अनुसार मामले में जांच के बाद रविवार रात तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। रमेश गायरी को उन्होने भोपाल का रहने वाला बताया था।
तलाश में पता चला रतलाम में पकड़ाये
नीलगंगा थाना पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश शुरू की गई तो पता  चला कि कुछ दिन पहले तीनों आरोपी रतलाम पुलिस की गिरफ्त में आ गये थे। उन्होने रतलाम में ठगी को अंजाम दिया था। यह भी पता चला कि इसी तरह की ठगी नागदा पुलिस को भी एक किसान द्वारा कुछ दिन पहले दर्ज कराई गई थी। उसके साथ नकली सोने के मोती देकर असली चांदी के आभूषण ठग लिये गये थे। थाना प्रभारी तरूण कुरील ने बताया कि तीनों आरोपियों को रतलाम से पूछताछ के लिये उज्जैन लाया जायेगा।

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