उज्जैन।उज्जैन में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली नीलगायों की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए वन विभाग बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान की तैयारी कर रहा है। जिले में पहली बार ‘बोमा (Boma) तकनीक’ का उपयोग कर करीब 100 नीलगायों को पकड़ा जाएगा और उन्हें सुरक्षित रूप से गांधी सागर अभयारण्य में पुनर्वासित किया जाएगा।वन विभाग के डीएफओ अनुराग तिवारी ने बताया कि पिछले एक महीने से नीलगायों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इस दौरान 13 से 14 संभावित स्थानों का सर्वे किया गया। झुंड के आकार और नीलगायों की आवाजाही के आधार पर अभियान के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया गया है।
1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में बनेगा विशेष बाड़ा-बोमा तकनीक के तहत फनल (कीप) आकार का एक बड़ा एनक्लोजर तैयार किया जा रहा है। यह संरचना करीब डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र में बनाई जाएगी। इसके लिए तिरपाल और मजबूत घेराबंदी का उपयोग किया जाएगा, ताकि नीलगायों को सुरक्षित रूप से एक स्थान पर एकत्र किया जा सके।