नलखेडा बगलामुखी माता के दर्शन कर लौट रहे ओडिशा के 8 श्रद्धालुओं की चालक सहित मौत, उफनते नाले में मिली कार उडीसा के 7 श्रद्धालुओं सहित चालक की मौत

 

उज्जैन। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में एक हृदय विदारक सड़क हादसा सामने आया है। मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन और हवन-पूजन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार उफनते बरसाती नाले में बह गई। इस भयानक हादसे में कार सवार सभी 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे, दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। इनमें 7 श्रद्धालु मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले थे। कार का चालक आगर जिले के बडौद थाना क्षेत्र के ग्राम सुदवास का रहने वाला सामने आया है।नलखेडा मां बगलामुखी माता मंदिर से कुछ सौ मीटर दूरी पर बरसाती नाला है। इस नाले पर पुलिया बनी है और रेलिंग भी लगी हुई है। नलखेडा में शुक्रवार रात जमकर बारिश हुई थी जो कि करीब 4 इंच होना सामने आया है। इस दौरान बरसाती नाला उफान पर आ गया था। इससे इस क्षेत्र की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो जाती है। एएसपी रविन्द्र बोयत के अनुसार हादसा रात 2 बजे तक होना सामने आ रहा है। हादसे का चश्मदीद गवाह सामने नहीं आया है। हादसे की जानकारी शनिवार सुबह 10 बजे के लगभग नाले में पानी कम होने पर कार के दिखाई देने पर आया । हादसे में मरने वालों की पहचान उडीसा निवासी राधारानी पति दीपक ‌कुमार 38 वर्ष 33 वर्ष निवासी खुरदा भूवनेश्वर,ज्ञानेन्द्र कुमार पिता गुननिधी वेहरा 41 वर्ष निवासी इच्छापुर कटक,रीता रानी पति ज्ञानेन्द्र 38 वर्ष, कृष्णा राजवीर पिता शिवप्रसाद वेहरा13 वर्ष,शिवप्रसाद पिता बनमाली वेहरा 40 वर्ष ,साहिरा सोनपूर्वा पिता शिवप्रसाद 06 वर्ष,विसाई स्वस्तिक पिता ज्ञानेन्द्र 10 वर्ष  एवं चालक अरूण पिता बद्रीलाल गोयल निवासी सुदवास,जिला आगर मालवा के रूप में हुई है। हादसे की जांच जारी है।एसडीओपी देवनारायण यादव के अनुसार घटना की जानकारी शनिवार सुबह उस वक्त सामने आई जब स्थानीय लोगों ने बरसाती नाले के अंदर एक कार को पलटी हुई अवस्था में पड़ा देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ  रेस्क्यू टीम ने नाले में पहुंचकर कार का कांच तोडकर देखा तो कार में शव सामने आए। कार से शवों को बाहर निकाला गया और नलखेडा अस्पताल पहुंचाया गया। यहां सभी शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू करते हुए उडीसा निवासी मृतकों के परिजनों को इसकी सूचना दी है।शनिवार सुबह रेस्क्यू के दौरान स्थानीय व्यवस्थाएं भी लचर नजर आई है। कार से शवों को निकालने के बाद बाहर लाने पर पास ही रखे ठेलों पर रखकर उन्हें बरसाती से ढंका जा रहा था। यहां एंबुलेंस की व्यवस्था भी नहीं की गई थी जिससे शवों को तत्काल ही अस्पताल पहुंचाया जा सके। ऐसी हालत में शवों को ट्रेक्टर ट्राली में ढोकर अस्पताल पहुंचाया गया।हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि जब मृतकों के शव नाले से बाहर निकाले गए, तो श्रद्धालुओं के गले में माता के आशीर्वाद स्वरूप दी जाने वाली लाल चुन्नी लिपटी हुई थी। पुलिस और स्थानीय लोगों का अनुमान है कि यह परिवार देर रात मंदिर में विशेष हवन-पूजन करने के बाद वापस लौट रहा था। संभवतः रात के अंधेरे और तेज बारिश के कारण चालक को पुलिया के ऊपर से बह रहे पानी के तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा और गाड़ी अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरीमृतक पुरूषों में  ज्ञानेन्द्र वेहरा के पेंट की जेब से उज्जैन के होटल के कमरे की चाबी पुलिस को मिली है। प्रारंभिक जांच में सामने आ रहा है कि ये सभी श्रद्धालु ओडिशा से उज्जैन दर्शन के लिए आए थे। उज्जैन से ही इन्होंने नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी के दर्शन के लिए कार किराए पर ली थी।

 

 

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