ज्वाईंट डिसनरेटिव डिसिस से ग्रस्त श्यामू हाथी नहीं होगा सवारी में शामिल वन विभाग की फिटनेस जांच के बाद तय होगा किस हथनी का उपयोग सवारी में होगा

उज्जैन। भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ मास की सवारी 3 अगस्त से निकाली जाएगी। 10 अगस्त की दुसरी सवारी में भगवान श्री मनमहेश को हाथी पर सवार कर निकाला जाता है। इस वर्ष की सवारी में हाथी श्यामू (हथिनी) का शामिल होना संदिग्ध बन गया है। डाक्टरों के अनुसार वह ज्वाईट डिसनरेटिव डिसिस से ग्रस्त है। इसकी रिपोर्ट वन विभाग ने हाई पावर कमेटी को सौंप दी है। हथिनी श्यामू को एक माह पूरी तरह आराम पर रखा गया था।
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में हाथी की परंपरा रही है। दूसरी सवारी में हाथी शामिल किया जाता है। सन1980 से पहले भी वैष्णव अखाडों के हाथी महाकाल की सवारी में शामिल होते रहे। 1980 से यह जिम्मेदारी संत टाईगर गिरी की रामू हथिनी ने संभाली। लगभग 35 वर्षों तक रामू ने जिम्मेदारी से भूमिका का निर्वहन किया और आम श्रद्धालुओं में काफी चहेती रही। वर्ष 2016 में 75 वर्ष की आयु तक लगातार सवारी का हिस्सा बनी रही। बाद में पैरों की बीमारी के चलते उसे बचाया नहीं जा सका। इसके बाद संत नगर निवासी शरमन गिरी की हथिनी श्यामू को सवारी में शामिल किया गया। पिछले करीब 10 वर्षों से सवारी में शामिल हो रही मादा श्यामू हथिनी को ज्वाईंट डिसनरेटिव डिसिस ने घेर रखा है। मादा हथिनी श्यामू का पूरा मामला वाइल्ड लाईफ की हाईपावर कमेटी के पास पहुंच चुका है। हथिनी को पिछले पांव में ज्वाइंट गेप हो रहा है जिससे उसके पैर मुडने लगे हैं। बकौल एसडीओ वन विक्रमसिंह सोलंकी पशु चिकित्सकों ने हाथी की जांच की थी। जांच रिपोर्ट हाईपावर कमेटी को प्रस्तुत की जा चुकी है।
स्वास्थ्य परीक्षण से होगा चयन-
भगवान श्री महाकालेश्वर की 10 अगस्त से निकलने वाली दुसरी सवारी से राजसी सवारी तक कुल 5 सवारी में इस बार हाथी को शामिल होना रहेगा। ऐसे में शहर में चार अन्य हथनियों में से किसी का चयन वन विभाग को करने की जिम्मेदारी निभाना होगी। इसके पूर्व इन हथनियों का स्वास्थ्य परिक्षण करवाते हुए भीड में उनके चलने की स्थिति को भी विभाग को ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही हाथी पर लगाए जाने वाली पालकी और अन्य साजो सामान का वजन ढोने की स्थिति भी देखना होगी। बकौल एसडीओ श्री सोलंकी अधिकारिक स्तर पर उपर से निर्देश मिलते ही इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अभी मंदिर समिति की और से हाथी को लेकर पत्र आया हो मेरी जानकारी में नहीं है। चयन में स्वास्थ्य की जांच के साथ फिटनेस को देखा जाएगा।
शहर में चार अन्य हथिनी
शहर में शरमन गिरी की  श्यामू हथिनी के अलावा अन्य चार हथनियां भी हैं। जो बहुत कम ही बाजारों में देखने में आती हैं। शहर में रामजीदास पाण्डे के पास मालती नामक,  श्री राम मंदिर निमोर्ही अखाडा महंत महेश दास के पास सुमा नामक एवं  विजय लक्ष्मी और  फसील नामक दो अन्य हथनियां भी श्री राम मंदिर निमोर्ही अखाडा के पास है।
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