उज्जैन। जिस विद्यार्थी की थ्योरी ही पूर्ण नहीं है और उसे प्रेक्टिकल में पूरे नंबर मिल जाएं इस पर सवाल खडा हो रहा है। इस बार के कक्षा 10 वीं बोर्ड के परिणाम में इसे लेकर बच्चों में भेदभाव की चर्चा आम है। कई ऐसे बच्चों का उदाहरण दिया जा रहा है जिन्हें परीक्षा की थ्योरी में कुल 80 में से 15 और 17 नंबर मिले हैं लेकिन इंटरनल कहे जाने वाले प्रेक्टिकल में 20 में से पूरे 20 अंक दिए गए हैं। सीधे तौर पर ही इस पर सवाल…
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