उज्जैन। उज्जैन विकास प्राधिकरण की व्यवसायिक योजना जमीन पर आते ही फूस्स हो गई है।“चौबे जी छब्बे जी बनने गए दुबे जी रह गए” वाले हाल कायम हो गए हैं। शिप्रा विहार क्षेत्र में इसे करीब 50करोड रूपए से अधिक व्यय कर अंजाम दिया गया था लेकिन योजना पूर्ण होने के उपरांत इसमें एक भी भूखंड नहीं बिक सका है। हाल यह हैं कि “सोने से घडावन” महंगी साबित हो रही है और योजना के निर्माणों के रखरखाव में भी जमकर खर्च किया जा रहा है।विकास प्राधिकरण वर्ष 2023-24 के…
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