फिर महाकाल की सवारी में अभद्रता….उज्जैन पुलिस के बहतर कार्य करने से नाराज है कुछ कतिपय लोग? या गहरी साजिश

उज्जैन ।  महाकाल की भक्ति में रमी कन्या महाकाल के सामने  खींची कन्या की चोटी हटाया पालकी से । अब अपमान जनक तस्वीरों ने  किया इंसानियत को तार तार जिहा यहाँ बता दे की  इससे पहले  श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता के वीडियो सामने आए थे इसको लेकर प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश था यहाँ ।  यही नहीं भाजपा के नेताओ  ने पुलिस कंट्रोल रूम में ही श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता को लेकर धरना दे दिया था । जब पुलिस अधीक्षक ने कहा था कि आगे से इस तरह की गलती नहीं होगी हम खुद शर्मिंदा है लेकिन फिर शर्मसार कर देने वाला वीडियो सामने आया है जिसमें अब तो  हद ही पार कर दी है।

 आखिर वो कोन सक्ष था जिसने भक्ति में रमी मासूम की खींची चोटी.. किसने दिया था इसे अधिकार?

जी हां वीडियो में इस बार महाकाल की भक्ति में एक छोटी सी कन्या बाबा महाकाल को मन से पूज  रही थी कुछ पल के लिए उन्हें  स्पर्श  करने पहुंची थी। लेकिन  पीछे से पालकी की ओर व्यवस्था संभाल रहे व्यवस्था पक ने पहले तो सबको पीछे से कोलर पकड़ कर खीचा फिर कन्या की चोटी खींचकर उसे पालकी से हटाते हुए बाहर की और खींच दिया । बहरहाल जो भी हो लेकिन कन्या की चोटी पड़ कर खींचना यह इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर है । अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक का कमिटमेंट कहां तक पास होता है क्या इस  इंसानियत को शर्मसार कर देने वाले  चोटी खींचने वाले सक्ष पर  किस तरह की कार्रवाई होगी यहा अब बड़े संकोच के सवाल यहां खड़े होते हैं ।

एसपी की कार्य शेली की प्रशंसा हैं शहर के नागरिको में ..अब खड़े सवाल: एसपी के बहतर कार्य करने से नाराज है कुछ कतिपय लोग? कही उज्जैन पुलिस के खिलाफ साजिश ? …… 

यहाँ बता दे की एसपी के शहर में कानून व्यवस्था को लेकर नागरिक काफी पसंद करते एसपी के अपराधो के खिलाफ मास्टर स्ट्रोक को कही उज्जैन पुलिस के खिलाफ कोई साजिश ?… यहाँ   सवारी के दौरान तस्वीरों में दिखाई दे रहा है जो शख्स कन्या की चोटी खींच रहा है भक्तो को पीछे से कोलर पकड़ हटा रहा है जबकि  वह नहीं महाकाल मंदिर की सुरक्षा समिति का कोई सदस्य  सुरक्षा  गार्ड है और ना ही पुलिस प्रशासन का कोई पुलिसकर्मी .. उस वक्त वहा मोजूद थे सुरक्षा गार्ड, पुलिसकर्मी वहा भी हटा सकते थे लेकिन उन्होंने अपने समझ दारी का परिचय दिया और भीड़ का क्राउड नहीं होने के कारण भक्तो आसानी से स्पर्श करने का मोका दिया था  ।अब  अधीक्षक का कमिटमेंट और उसके बाद इस तरह की घटना कहीं ना कहीं उज्जैन   पुलिस  के खिलाफ साजिश रचने की भी बातें चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों के हवाले खबर सामने आई है कि सवारी में अभद्रता का माहौल कहीं ना कहीं जान बूझकर बनाया जा रहा है जिससे कि पुलिस प्रशासन की व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो और इसका जवाब उज्जैन   पुलिस  को देना मुश्किल हो जाए ?

पुलिस प्रशासन की कोई गलती नहीं यहां समझदारी का दिया परिचय….कोई इस तरह की इतनी  भीड़ नहीं थी उस वक्त .. पहली तस्वीर

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अब सवाल सुरक्षा कर्मी ने नहीं हटाया क्योंकि उसे समय भीड़ का कोई क्राउड नहीं था उस दोरान अन्य भक्तो सहित कन्या को सुरक्षा कर्मी भी खींच सकता था हटा सकता था लेकिन दिया समझदारी का परिचय...

अब दूसरी तस्वीर अंजान ने दिया शर्मसार कर देने वाली करतूत को…. पहले कोलर पकड़ी खीचा भक्तो को…किस अधिकार से…

    

फिर बहरहमी से चोटी पड़ कर खींचा मासूम कन्या को….

आखिर कौन है और क्या था मकसद…

 रिपोर्ट विकास त्रिवेदी