महाकाल के गर्भगृह में आग लगने  के बाद से सेवकों का प्रवेश बंद 

 

– नंदीहॉल में भी सब का प्रवेश रोका, भस्मारती में प्रोटोकॉल कर्मचारियों तक को बाहर रहने के निर्देश

 

दैनिक अवंतिका उज्जैन। 

महाकाल मंदिर में होली की भस्मारती में गर्भगृह में आग लगने की घटना के बाद से प्रशासन ने गर्भगृह में फिलहाल सेवकों के जाने पर रोक लगा दी है। वहीं आम लोगों के लिए भी प्रवेश  बंद है। नंदीहॉल में भी सभी के लिए प्रवेश रोक दिया गया है। भस्मारती के दौरान प्रोटोकॉल कर्मचारी व सेवकों को बाहर खड़े रहने के निर्देश जारी किए गए है। 

पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई गई। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के पास जांच पहुंचेगी इसके बाद वे आगे की कार्रवाई करेंगे। इसके पहले मंदिर में सख्ती कर दी गई है। केवल सामान्य रूप से आम श्रद्धालुओं के दर्शन जारी है। वहीं नियमित आरती-पूजा संबंधित पंडे-पुजारीगण आकर कर रहे हैं। इसके अलावा प्रोटोकॉल आदि सब पर रोक लगा दी गई है। गर्भगृह से लेकर नंदीहॉल तक में अनावश्यक लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। 

जांच समिति ने घटना स्थल पर 3 दर्जन लोगों के बयान दर्ज किए

कलेक्टर के निर्देश पर दो सदस्यीय जांच दल ने 25 मार्च को भस्मारती में मौजूद लोगों के बयान लेने के साथ ही सारे वीडियो फूटेज देखे और जब्त भी किए है। तीन में जांच रिपेार्ट देने के आदेश थे। इसके अनुसार तो गुरुवार को अवधि पूरी हो गई। कलेक्टर का कहना है कि रिपोर्ट देखने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी और मंदिर की व्यवस्थाओं में भी नए सिरे से बदलाव किया जाएगा। अपर कलेक्टर मृणाल मीना और एडीएम अनुकुल जैन ने मामले की जांच में करीब तीन दर्जन अधिकारियों, कर्मचारियों व पंडे-पुजारियों से बयान लेकर दर्ज किए है। 

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे अब इन चीजों पर लगेगा प्रतिबंध

– गर्भगृह में आग की घटना की जांच रिपोर्ट के बाद अब आगे कई चीजों पर प्रतिबंध लगेगा।जैसे पर्व-त्यौहारों पर मंदिर की परंपरा और न्यायालय के सुझाव के अनुसार व्यवस्था की जाएगी।  

– गर्भगृह में पूजन-आरती के दौरान निर्धारित लोगों की उपस्थिति ही रहेगी। 

– बेरिकेट्स मेें लगने वाले पाट पर सेवकों की बैठक व्यवस्था तय की जाएगी।  

– गर्भगृह और नंदी हॉल सहित मंदिर परिसर में फायर सुरक्षा के इंतजाम करेंगे। 

– गर्भगृह, नंदीहाल में सभी के लिए मोबाईल प्रतिबंधित किए जाएंगे।  

– गर्भगृह में श्रद्धालुओं द्वारा दी गई सामग्री सीधे नहीं ले जाने दी जाएगी।  

– आरती, पूजन के दौरान गर्भगृह और नंदी हॉल में अनावश्यक भीड़ नहीं होने देंगे।  

– मंदिर परिसर में अवांछित सामग्री लाने पर प्रतिबंध रहेगा। 

– पुजारी, पुरोहित के प्रतिनिधियों व सेवकों की संख्या निर्धारित होगी।  

– मंदिर समिति के आदेश-निर्देश का पालन नहीं होने पर संबंधित पर तत्काल कार्रवाई होगी।

(जैसा मंदिर समिति एवं जांच समिति के अधिकारियों ने चर्चा में बताया)

महाकाल भस्म आरती हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आई, केमिकल युक्त गुलाल से लगी थी आग
– प्रोटोकॉल का उल्लंघन भी माना एक कारण
– निजी सुरक्षा एजेंसी की बड़ी लापरवाही सामने आई
महाकाल मंदिर में होली की भस्म आरती के दौरान हुए अग्निकांड हादसे के प्रारंभिक जांच रिपोर्ट गुरुवार को देर शाम आ गई है। इस संबंध में उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने पत्रकारों से औपचारिक चर्चा करते हुए अभी केवल इतना ही बताया है कि मंदिर में जो हादसा हुआ और आरती के दौरान जो आग लगी थी वह केमिकल युक्त गुलाल के उड़ने से लगी थी तथा मंदिर के अंदर अनावश्यक लोगों की जो भीड़ थी वह प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिन लोगों को अपनी ड्यूटी करना थी उन्होंने अपनी ड्यूटी नहीं निभाई और इसका नतीजा यह हादसा रहा। प्रशासन रिपोर्ट की पूरी पड़ताल कर रहा है और इसके बाद आगे कार्रवाई तय की जाएगी और मंदिर में दर्शन आदि की व्यवस्था में बदलाव करेंगे। कलेक्टर ने भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में मंदिर में कार्यरत निजी सुरक्षा एजेंसी की सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई है जिन्होंने मंदिर में लाय गए गुलाल को रोक नहीं पाए तथा अनावश्यक भीड़ भी होने दी गई। इन सब संबंधित विभागों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।