विला में जाम छलके, हुक्के गुड़गुड़ाए… विधायक के भतीजे का नाम आते ही पुलिस की कार्रवाई पर लगा ब्रेक?*

इंदौर। शहर में कानून का इकबाल आम आदमी पर तो खूब दिखाई देता है, लेकिन जब मामला रसूखदार परिवारों की चौखट तक पहुंचता है तो कार्रवाई की रफ्तार पर सवाल खड़े होने लगते हैं। ऐसी ही एक कहानी अरविंदो क्षेत्र के एथोस विला (Athos Villa) से सामने आई है। शनिवार रात यहां ऐसी महफिल सजी कि देर रात तक पार्टी का दौर चलता रहा। प्रतिबंधित हुक्के से लेकर शराब परोसने और देर रात तक जश्न चलने की चर्चाएं बाजार में गर्म रहीं। मामला खबरों में आया तो अचानक फोन की घंटियां बजने लगीं। चर्चा है कि शुक्ला ब्रदर्स की तरफ से भी फोनबाजी का दौर शुरू हो गया। अब इस पूरे मामले में जिस नाम की चर्चा है, वह कोई आम शख्स नहीं, बल्कि विधानसभा क्षेत्र-3 के विधायक गोलू शुक्ला के भतीजे यश शुक्ला का है।
           अब सवाल पुलिस से है- क्या एथोस विला में हुई पार्टी की जानकारी जिम्मेदारों तक नहीं पहुंची? क्या प्रतिबंधित हुक्के और देर रात तक शराबखोरी की शिकायतों की जांच करना पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है? या फिर मामला रसूखदार परिवार से जुड़ा हो तो नियम-कानून की किताब के पन्ने अपने आप बंद हो जाते हैं?
           आम आदमी देर रात दुकान खोल ले, सड़क पर नियम तोड़ दे या बिना अनुमति कोई आयोजन कर ले तो पुलिस की गाड़ी पहुंचने में देर नहीं लगती। लेकिन जब सवाल विधायक के परिवार से जुड़े विला का हो तो कार्रवाई से पहले फोन और रसूख का हिसाब लगाया जाने लगता है क्या?आखिर इंदौर पुलिस बताएगी कि एथोस विला में उस रात क्या हुआ था और अब तक क्या कार्रवाई की गई? कानून सबके लिए बराबर है तो उसकी शुरुआत रसूखदारों के दरवाजे से भी होनी चाहिए!
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