उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी में मोक्षदायिनी क्षिप्रा किनारे सिंहस्थ 2028 का आयोजन होने जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा-व्यवस्था के साथ भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर होगी। जिसको लेकर पिछले छह माह से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। रविवार को एडीजी राकेश गुप्ता और एसपी प्रदीप शर्मा ने अधिनस्थों के साथ चर्चा कर मंथन किया।
पुलिस कंट्रोलरूम सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई बैठक के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अधिनस्थों के साथ सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, वाहनों की पार्किंग, सुरक्षित स्नान की सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। एडीजी और एसपी ने बताया कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था, संवेदनशील, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की पहचान, प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती और आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ बनाने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। स्नान पर्वों के साथ प्रमुख दिनों पर श्रद्धालुओं की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए घाटों पर प्रवेश के साथ निकास मार्गो और अन्य प्रमुख स्थलों पर भीड़ की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए योजनाबद्ध व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी, भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं की आशंका को न्यूनतम करने के प्रयास करने होगें।
यातायात-पार्किंग व्यवस्था को बना होगा सुगम
बैठक में श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग और यातायात प्रबंधन से जुड़े विषयों पर मंथन किया गया। पार्किंग स्थलों का उचित नियोजन, प्रमुख मार्गों पर यातायात का संचालन तथा आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। पार्किंग स्थलों से स्नान घाटों, प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को सुविधा हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-सूचक संकेतक, यातायात मार्गदर्शन, सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने की बात कहीं गई।
आधुनिक तकनीक से निगरानी व्यवस्था पर जोर
सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग महत्वपूर्ण रहेगा। जिसके लिये सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी, कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग, भीड़ की स्थिति पर त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था विकसित की जा सकती है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, किसी भी अप्रिय स्थिति की समय रहते पहचान करने और संबंधित अधिकारियों के बीच सूचना के आदान-प्रदान से सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत बनाया जा सकेगा।
एडीजी-एसपी की कंट्रोलरूम पर अधिनस्थों के साथ चर्चा सिंहस्थ 2028: सुरक्षा-व्यवस्था और भीड प्रबंधन पर मंथन