उज्जैन। निर्माण कार्यों की पूर्णता का प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उसे पूर्ण कहा जा सकता है। उसके साथ ही उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जारी किया जाता है। नगर निगम द्वारा सिंहस्थ-2028 मद में कालियादेह गेट से ईमली तिराहा की सडक का निर्माण अभी पूर्णता को भी प्राप्त नहीं हुआ है और उसके पहले ही उधडने की स्थिति शुरू हो गई है। सडक के ये हाल क्यों और कैसे बने रहे हैं ये सवाल खडा हो रहा है।उज्जैन नगर निगम द्वारा केडी (कालियादेह) गेट से इमली तिराहा गौतम मार्ग की सड़क का चौड़ीकरण किया गया है। इसकी कुल लंबाई 1230 रनिंग मीटर (लगभग 1.23 किलोमीटर) है।इस सडक की चौड़ाई का मानक 15 मीटर (50 फीट) है। इस मार्ग चौडीकरण में 439 प्रभावित भवन आंशिक और 8 भवन पूर्ण रूप से प्रभावित हुए। इसका काम 2023 में शुरू किया गया था। इस मार्ग पर आए धार्मिक स्थलों को भी पीछे किया गया है। इस मार्ग के चौडीकरण में क्षेत्रीय रहवासियों ने अपनी संपत्ति के भाग का समर्पण किया है।पूर्णता प्रमाण पत्र के पूर्व उधडी-नगर निगम के द्वारा निर्मित इस सडक के निर्माण में धार्मिक स्थलों को हटाने को लेकर कालांतर में जमकर खींचतान रही और राजनैतिक दांव पेंच भी जमकर चले।1230 मीटर लंबी सडक को सेंटर डिवाईडर के आधार पर सेंटर लाईटिंग के साथ बनाया गया है। अभी निर्माण की पूर्णता का प्रमाण पत्र भी जारी नहीं किया गया है उसके पहले ही यह सडक कई स्थानों से उधडने लगी है। सडक की स्थिति कई जगह से देखने पर ऐसी लगती है जैसे सिमेंट और गिटृटी के बीच तलाक का अनुबंध हो चुका है। खास तो यह है कि इस वर्ष बारिश भी इतनी जोरदार नहीं हुई है कि जिस पर सडक के उधडने का दोष दिया जा सके।सवा किमी की सडक में 24 बाधक-हाल यह है कि केडी गेट से इमली तिराहे तक सडक करीब सवा किलोमीटर है। अगर केडी गेट से सडक से इमली तिराहे तक वाहन से यात्रा करना हो तो चालक को करीब 12 बार ब्रेक को दबाना होगा और एक्सीलेटर को कम करना होगा। नहीं तो पीछे बैठी सवारी की गर्दन और रीड की हड्डी में जर्क आने का पूरा अंदेशा रहता है। यही नहीं ईमली तिराहे से केडी गेट आने की स्थिति में भी यही हाल हैं। सडक का चौडीकरण किया गया है लेकिन अभी से हाल यह हैं कि 5-7 फीट अस्थाई अतिक्रमण साफ तौर पर देखा जा सकता है।नगर निगम की निगरानी हवा हुई- चौडीकरण मार्गों पर नगर निगम आयुक्त निगरानी के लिए बार-बार अपने मातहतों को चेता रहे हैं उसके बाद भी केडी गेट से इमली तिराहा के इस मार्ग पर अस्थाई अतिक्रमण की स्थिति आम हो चुकी है। निगरानी के नाम पर इसी क्षेत्र के कई लोग नगर निगम से संबंधित हैं उसके बाद भी इस पर कार्रवाई होना तो दूर कोई बोलने को तैयार नहीं है। जोन कार्यालय 1 एवं 2 दोनों के लिए यह मार्ग मुख्य है।पेशवाई मार्ग-नगर निगम ने सिंहस्थ 2028 के लिए इस मार्ग का चौडीकरण इसलिए किया है कि यह वैष्णव संप्रदाय की पेशवाई का प्रमुख मार्ग है। इसी मार्ग से पेशवाई रामघाट के लिए पहुंचती है। तीन अणि वैष्णव अखाडों की पेशवाई स्नान के लिए इसी मार्ग से होती हुई आती एवं जाती है। इनके साथ ही खालसा की पेशवाई का भी यही प्रमुख मार्ग है।
केडी गेट –ईमली तिराहा सडक का काम पूर्णता का प्रमाण पत्र जारी होना शेष सीसी के पहले सडक उधडी -सवा किलोमीटर की सडक के दोनों भाग में 24 से अधिक स्पीड ब्रेकर और टेपर ठोके