उज्जैन। संभागीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि संभाग के जिलों में जहां-जहां भी ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, वहां पर हाईवे के किनारे के ढाबों और रेस्टोरेंटों पर हॉस्पिटल, एंबुलेंस व थानों के नंबर की लिस्ट बनाकर प्रदर्शित की जाए। साथ ही ढाबों व रेस्टोरेंट पर कार्यरत कर्मचारियों को इस बात का प्रशिक्षण भी दिया जाए कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को किस तरह निकट के अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाया जाए। आवश्यकता हो तो ऐसे कर्मचारियों के समूह को डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा प्रशिक्षण दिलवाया जाना चाहिए। आपात स्थिति में सीपीआर किस तरह से दी जानी चाहिए, इसकी भी प्रॉपर ट्रेनिंग होनी चाहिए।
सोमवार को संभागीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक प्रशासनिक संकुल भवन के द्वितीय तल स्थित कलेक्टर सभागृह में आयोजित की गई। बैठक में एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
नलखेडा हादसे का जिक्र किया-
बैठक में पिछले माह आगर जिले के नलखेडा में हुए हादसे का जिक्र करते हुए संभागायुक्त ने कहा कि ऐसे धार्मिक व सामाजिक स्थलों के पास बनी हुई रपटें, जिन पर बाढ़ का पानी चढ़ जाता है और वहां नलखेड़ा की तरह दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है, तो एसी जगहों पर बड़े पुल बनाने का प्रस्ताव बनाकर जिले से भेजा जाए। ऐसे स्थानों पर सर्वोच्च प्राथमिकता से ब्रिज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एमपीआरडीसी की सड़कों पर बने हुए अवैधानिक कट पॉइंट को बंद किया जाए। इंजीनियर्स को निर्देश दिए कि यदि ढाबों, पेट्रोल पंपों आदि के सामने अवैधानिक कट बनाए जाते हैं तो संबंधित इंजीनियर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। संभागायुक्त ने कहा कि जहां भी कट पॉइंट है, वहां पर प्रॉपर साइनेज व नियमानुसार स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप लगाई जाना चाहिए। पेट्रोल पंप व ढाबों के लिए कट देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आवश्यक व अनावश्यक कट की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
उज्जैन में सब्जी मंडी,गौवंश परेशानी-
एडीजी राकेश गुप्ता ने शहर में लगने वाली सब्जी मंडियों के कारण बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करने, सड़कों पर दिखने वाले गौवंश को गौशाला में पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि टोल नाके के आसपास सीट बेल्ट की चेकिंग की जानी चाहिए। दो पहिया वाहन चालको को हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए । चेकिंग के समय यह ध्यान रखा जाए कि इससे ट्रैफिक प्रभावित न हो। एनएचएआई, एमपीआरडीसी एवं पुलिस तीनों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अपने-अपने फोर्स व एंबुलेंस के नंबर आपस में साझा करें।
2 हजार वाहन की पार्किंग,बढाने की जरूरत-
उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में उज्जैन में 2 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है, इसके बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसी तरह प्राइवेट टैक्सी आॅपरेटरों के वाहन बेगम बाग से महाकाल की तरफ सड़कों पर खड़े रहते हैं, इनके लिए अलग पार्किंग बनाने की आवश्यकता है।
हाईवे पर हॉस्पिटल-एंबुलेंस और थानों के नंबर की लगेगी लिस्ट