सारंगपुर।मप्रमक्षेविवि कंपनी के सारंगपुर सब डिवीजन के करीब 113 से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बिजली कंपनी के लोड मैनेजमेंट ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मध्य प्रदेश मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सिस्टम प्रबंधन और संचालन कार्यालय द्वारा डिवीजन एनडीसीसी को रात्रि के समय लगातार भेजे जा रहे फीडर बंद करने के संदेशों से यह साफ हो गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों को जानबूझकर अंधेरे में धकेला जा रहा है। हर एक से डेढ घंटे में बिजली काटने और फिर कुछ देर के लिए चालू करने के इस सिलसिले ने ग्रामीणों की रातों की नींद हराम कर दी है। क्षेत्र के घरेलू और मिक्स फीडर से जुडे एक सैकड़ा से ज्यादा गांव के हजारों उपभोक्ता इस अघोषित कटौती से बेहद त्रस्त हैं।रातभर चलता रहा चालू-बंद का खेल-बिजली कंपनी के आधिकारिक कंट्रोल रूम से जारी निर्देशों के मुताबिक सारंगपुर के ग्रामीण इलाकों में कटौती का यह दौर शाम ढलते ही शुरू हो जाता है, जो अगली सुबह तक जारी रहता है। शनिवार को शाम 6:45 बजे ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू और मिक्स फीडर को पहली बार बंद किया गया, जिसे करीब सवा घंटे बाद रात 8:00 बजे चालू किया गया। ग्रामीणों को लगा कि अब राहत मिलेगी, लेकिन महज सवा घंटे बाद 9:15 बजे फिर बत्ती गुल कर दी गई। इस बार सप्लाई रात 10:30 बजे बहाल हुई। लोग सोने की तैयारी ही कर रहे थे कि तीसरी बार 11:30 फीडर बंद कर दिए गए। सारंगपुर सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले 113 गांवो के घरेलु फीडर देर रात 12:48 बजे जाकर चालू हो सके। परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। तडके सुबह 5 बजे जब किसान और ग्रामीण उठते हैं, तब एक बार फिर सवा घंटे के लिए बिजली गुल कर दी गई और फि 6:15 बजे चालू की गई। इसके बाद भी दिनभर बिजली बंद चालू होने का सिलसिला स्थानीय सतर पर चलता रहा।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, घरेलू उपकरण हो रहे खराब-इस मनमानी कटौती को लेकर सारंगपुर के ग्रामीण इलाकों में बिजली कंपनी के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण उमस और गर्मी के मौसम में रातभर में चार से पांच बार बिजली काटी जा रही है। बार-बार हो रही इस ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या के कारण घरों में रखे कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी, फ्रिज, कूलर और पानी की मोटरें फुंक रही हैं।इस कटौती का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के जीवन पर भी पड रहा है। मिक्स फीडर बंद होने से जिन रात के समय लोगो को आराम करना होता है, वे बिजली के इंतजार में रातभर घर के अंदर बैठे रहते हैं। जैसे ही बिजली आती है, कुछ ही देर में दोबारा बंद होने का मैसेज आ जाता है। इससे रातो की नींद हराम हो रही है।
लोड मैनेजमेंट के नाम पर बिजली की कटौती:रातभर जागने को मजबूर ग्रामीण, फूटा आक्रोश