उज्जैन। भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण –भादौ मास में निकलने वाली सवारी को लेकर अधिकारियों की चिंता बढ गए है। मार्ग के कई क्षेत्रों में निर्माण कार्य की स्थिति साफ नहीं है ऐसे में यह चिंता बढ रही है। निर्माण से जुडे अधिकारियों की सांस फूली हुई है तो अस्थाई विकल्पों का सहारा लेने पर भी विचार कायम है। अगले दस दिनों में सवारी निकलने का क्रम शुरू होने वाला है ऐसे में अधूरे निर्माण चिंता को बढा रहे हैं।भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण –भादौ मास में प्रति सोमवार को निकलने वाली सवारी मार्ग पर निर्माणों के जारी रहने के बावजूद परंपरागत मार्ग से निकालने का निर्णय लिया गया है। सवारी मार्ग के हरसिद्घी की पाल से लेकर रामघाट तक टूटे हुए मकान और हिस्से वर्तमान में कायम हैं। यही नहीं यहां न तो पूरी तरह से नाली का निर्माण ही किया गया है न ही नए विद्युत पोल ही लगाए गए हैं। अभी सडक निर्माण की स्थिति अस्पष्ट है। इसी मार्ग पर पाटीदार समाज की धर्मशाला के पर्याप्त हिस्से को नगर निगम अपने अधिग्रहण में ले चुका है उसके बाद भी कुछ हिस्से को तोडने पर समाज ने आपत्ति ली है। यहां सिवरेज के पाईप रखकर अस्थायी योजना से नगर निगम के यंत्री काम चलाऊ व्यवस्था वर्तमान में कर सकते हैं। अगले 10 दिनों में यहां नाली,सडक का निर्माण होना किसी भी सूरत में संभव नजर नहीं आ रहा है।100 मीटर के दायरे में सर्वाधिक परेशानी-सवारी मार्ग के मुख्य क्षेत्र हरसिद्दी पाल से रामघाट जाने मार्ग पर व्यंकटेश मंदिर के सामने वाले तिराहे से रामघाट तक नाली, सडक ध्वस्त है। यहां नई नाली के लिए खुदाई की गई थी। धर्मशालाओं एवं अन्य अधिग्रहित क्षेत्र के सामने दिवारें बनाई जा रही है। घाट तक का करीब 100 मीटर का यह हिस्सा सवारी मार्ग का प्रमुख हिस्सा है। यहां से सवारी घाट पर जाती है। उसके बाद बाहर भी इसी और से आती है। इस हिस्से में खासी समस्या की स्थिति बनी हुई है।पक्षपात का आरोप-पाटीदार समाज धर्मशाला के वरिष्ठ सदस्य दिनेश पाटीदार के अनुसार पूर्व में जितनी जमीन लेना थी वो दी जा चुकी है। उसके बाद एक बार फिर से तीन दिन पहले हमारे क्षेत्र में घुसकर जमीन की खुदाई शुरू कर दी गई। जबकि पास ही की धर्मशाला में जमीन लेने के बाद दिवार खडी कर दी गई। सामने की और बंबई वाले की धर्मशाला से जरा सी भी जमीन नहीं ली गई जबकि दोनों और से समान रूप से जमीन लेना चाहिए। हमने विरोध किया तो काम रोक दिया गया है सीधे तौर पर पक्षपात की स्थिति सामने आ रही है।अधिकारी पहुंचे मार्ग पर,देखा निर्माण-श्रावण-भादौ मास में भगवान श्री महाकालेश्वर की पारंपरिक सवारियों के सफल एवं सुचारु आयोजन की तैयारियों के तहत अध्यक्ष एवं कलेक्टर, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति रोशन कुमार सिंह तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने सवारी मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मार्ग पर चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के साथ सड़क, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, पेयजल, सुरक्षा तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रावण-भादौ मास की सवारियों से पूर्व सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सवारी मार्ग पर स्वच्छता, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था, बैरिकेडिंग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।