उज्जैन। सालभर पहले पुलिसकर्मी बनकर सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर और संत्सग में जा रही वृद्धा को झांसा देकर आभूषण ठगने वाले बदमाश को पुलिस मुम्बई जेल से लेकर आई है। उसके साथी फरार है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे है।
जुलाई 2025 में कोतवाली थाना क्षेत्र के नगर निगम के सामने बाइक से आये दो बदमाशों ने सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर सतीश कुमार पिता माणकलाल गुप्ता 66 वर्ष निवासी ऋषिनगर को सुबह के समय रोक लिया था और खुद को पुलिसकर्मी बताकर कहा था कि आगे चेन स्नेचिंग हो गई है। अपने आभूषण उतारकर रख लो। गुप्ता उनकी बातों में आ गये थे और गले में पहनी सोने की चेन, पेंडल, हाथों में पहनी तीन अंगूठी व सोने का ब्रेसलेट उतार दिया। दोनों ने उनके आभूषणों को कागज की पुडिया बांधकर वापस दिया था। लेकिन कुछ देर बाद पुड़िया में आभूषण नहीं मिले थे। एक घंटे बाद बदमाशों ने नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के काला पत्थर स्थित बसंत बिहार में रहने वाली आशा अडवानी 60 वर्ष को आगे लूट होना और खुद को पुलिसकर्मी बताकर उनके सोने के कंगन और चेन उतारकर पर्स में रखने की बात कहीं थी और गायब कर दी थी। आशा अडवानी सत्संग में जाने के लिये कालापत्थर पर परिवहन वाहन का इंतजार कर रही थी। नानाखेड़ा पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज किया था और आशंका जताई गई थी वारदात को ईरानी गैंग के बदमाशों ने अंजाम दिया है। सालभर बाद खबर सामने आई कि मुम्बई पुलिस ने लूट के मामले में ईरानी बदमाश हुसैनी पिता सैय्याज सैय्यद 45 वर्ष निवासी इरंग नगर खड़कपाडा मुंबई महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया है। जिससे पूछताछ में उज्जैन में पुलिसकर्मी बनकर की गई ठगी का खुलासा हुआ है। नानाखेड़ा थाना पुलिस की टीम मुम्बई पहुंची और बदमाश को प्रोटेक्शन रिमांड पर उज्जैन लाया गया। जिसे रिमांड पर लिया गया है। बदमाश के साथियों की जानकारी जुटाने के साथ ठगे गये आभूषण बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुम्बई जेल में बंद मिला आभूषण ठगने वाला ईरानी बदमाश -पुलिसकर्मी बन वृद्धा और बैंक मैनेजर से दिया था झांसा