महिला सहित 3 आरोपी हत्था जोडी बेचते पकडे गए

मंदसौर। उज्जैन में निरंतर रूप से कार्रवाई में तीन आरोपी मानिटर लिजार्ड के अवशेष बेचते पकडे गए थे। मंदसौर वन विभाग की कार्रवाई में भी मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के अवशेष (हत्था जोड़ी) की अवैध बिक्री करते हुए तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।वनमण्डलाधिकारी, मंदसौर संजय रायखेरे को नेहरू बस स्टैंड स्थित नेहरू पार्क गेट के समीप कुछ व्यक्तियों द्वारा वन्यजीव के अवशेषों का अवैध विक्रय किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई थी । सूचना पर तत्काल एक विशेष दल गठित कर मौके पर कार्रवाई हेतु रवाना किया गया। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर दल ने 01 महिला एवं 02 पुरुषों को मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के अंग (हत्था जोड़ी) कुल 19 नग के साथ अवैध बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 15 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। प्रकरण में  विवेचना जारी है।पकडे गए-सुरेश सिंह पिता मलेसिंह पारदी, उम्र 54 वर्ष।करोल सिंह पिता मुछालसिंह पारदी, उम्र 36 वर्ष।भारतबाई पति सुरेश पारदी, उम्र 52 वर्ष।तीनों आरोपी ग्राम रूपावली, पोस्ट साबाखेड़ा, जिला मंदसौर के निवासी हैं।3-7 साल कारावास,25 हजार जुर्माना-डीएफओ रायखेरे के अनुसार मॉनिटर लिजार्ड (गोह) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रथम अनुसूची के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है । आरोपियों के विरुद्ध परिक्षेत्र मंदसौर अंतर्गत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 3832/16 विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया I इस प्रजाति के अवैध शिकार, व्यापार अथवा इसके अंगों के अवैध क्रय-विक्रय पर 3 से 7 वर्ष तक के कारावास एवं न्यूनतम ₹25,000 के जुर्माने का प्रावधान है।

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