अमृत हरित महाअभियान के तहत 10 लाख से अधिक पौधों का रोपण होगा नगर निगम निर्माण पूर्ण हुए घाटों पर छांव के लिए लगाएगा पौधे घाट की एप्रोच रोड को भी हरित किया जाने पर योजना की तैयारी

उज्जैन। नगर निगम ने सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण सिंहस्थ क्षेत्र को हरित बनाया जाने की तैयारी कर ली है। इसके तहत क्षिप्रा किनारे के निर्माणाधीन 29.2 किलोमीटर में से  निर्माण पूर्ण हो घाटों के आसपास पौधारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही घाटों के एप्रोच रोड पर भी छाया के लिए पौधारोपण किए जाने की योजना की तैयारी की जा रही है।अमृत हरित महाअभियान के तहत 10 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 3 लाख से अधिक गड्ढों की खुदाई की जा चुकी है तथा बड़े पैमाने पर पौधारोपण की तैयारियां की जा रही है।आयुक्त की निगाह में काम –आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देशानुसार इस अभियान को नगर निगम में अपर आयुक्त योगेन्द्र पटेल  अंजाम देने में लगे हैं। रविवार को श्री पटेल ने पौधारोपण की कार्ययोजना, गड्ढा खुदाई और चिन्हित स्थलों की तैयारियों की उद्यान विभाग की तैयारी की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएं।पौधारोपण के लिए इन स्थानों का चयन- बैठक में अपर आयुक्त श्री पटेल ने बताया कि सिंहस्थ महापर्व-2028 को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण सिंहस्थ क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। विक्रम विश्वविद्यालय परिसर, एमआर-5 ट्रांसफर स्टेशन, मेघदूत पार्किंग के पीछे का क्षेत्र, चकोर पार्क, शक्तिपथ रोड, शहर के 400 से अधिक उद्यान, प्रमुख सड़कें, सड़क किनारे की भूमि, शासकीय एवं संस्थागत परिसरों, सभी जलाशयों के किनारे, पॉलिटेक्निक कॉलेज, कपिला गौशाला, काल भैरव मंदिर, गोंदिया ट्रेनिंग ग्राउंड तथा सभी जोनों के प्रमुख स्थानों सहित अनेक स्थलों का चयन किया गया है।घाट एवं चौडीकरण क्षेत्र में-बकौल श्री पटेल मार्ग चौड़ीकरण वाले क्षेत्रों विशेषकर सिंहस्थ क्षेत्र की प्रमुख सड़कों तथा निर्माणाधीन 29 किलोमीटर घाटों के निर्माण पूर्ण होने वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही घाटों के एप्रोच रोड पर भी जहां लाईनिंग एवं मार्किंग पूर्ण हो चुकी है वहां भी पौधारोपण किया जाएगा। सिंहस्थ क्षेत्र की लगभग 114 किलोमीटर लंबी सड़कों के दोनों ओर 84 हजार से अधिक छायादार एवं 8 से 10 फीट ऊंचाई वाले पौधे लगाए जाएंगे, ताकि सिंहस्थ-2028 तक क्षेत्र पूर्ण रूप से हरित और छायादार बन सके।पौधों की जियो टैगिंग भी होगी-श्री पटेल ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग सुनिश्चित की जाए। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ।  अभियान  में नगर निगम के साथ शासकीय विभाग, सामाजिक संस्थाएं, पर्यावरण प्रेमी, वृक्ष मित्र एवं आम नागरिक अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी का निर्वहन कर सकें।इधर घाट निर्माण में उजडे बांस-वन विभाग ने कुछ वर्षों पूर्व भैरवगढ क्षेत्र में करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में 8 वर्ष पूर्व बांस लगाए थे। इसका क्षेत्र क्षिप्रा नदी पर बने बडे ब्रिज के दाहिनी और था। घाट निर्माण के दौरान यहां करीब एक हेक्टेयर से अधिक का बांस पूरी तरह से घाट निर्माण में लगी मशीनों एवं ब्रिज निर्माण में नष्ट हो गया है। इसे लेकर वन विभाग की और से अब तक कोई संज्ञान भी नहीं लिया गया है। न ही घाट निर्माण के ठेकेदार एवं ब्रिज निर्माण के ठेकेदार को इस नुकसान के लिए आपत्ति दर्ज करवाना भी वाजिब नहीं समझा गया है। लाखों रूपए के इस नुकसान को लेकर विभागीय लापरवाही और ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की नजरअंदाजी  ही इसे माना जा रहा है।

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