उज्जैन। शहर के जलप्रदाय संयंत्रों पर बिजली बिलों का खर्च कम करने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए 5 करोड़ 59 लाख रुपये लागत के सोलर प्लांट बंद पड़े हैं। वर्ष 2019 में स्थापित 1.29 मेगावॉट क्षमता वाले इन सौर ऊर्जा संयंत्रों से बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे नगर निगम को हर साल 75 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। मामले को गंभीर बताते हुए नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष डॉ. रवि राय ने स्मार्ट सिटी कार्यालय के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
1.29 मेगावॉट क्षमता के प्लांट से होना था लाखों यूनिट बिजली उत्पादन
शिकायत में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, स्मार्ट सिटी द्वारा लगाए गए इन प्लांटों की कुल क्षमता 1290 किलोवॉट है। अनुमान के मुताबिक प्रति किलोवॉट प्रतिदिन 4 यूनिट बिजली उत्पादन के हिसाब से इन संयंत्रों से प्रतिदिन 5160 यूनिट तथा सालाना 18 लाख 83 हजार 400 यूनिट बिजली का उत्पादन होना था। यदि बिजली की दर 4 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए तो निगम को प्रतिवर्ष 75 लाख 33 हजार 600 रुपये की बचत हो सकती थी, लेकिन प्लांट बंद होने के कारण यह राशि नुकसान में बदल रही है।
पूरी राशि का भुगतान, फिर भी बंद पड़े हैं प्लांट
जानकारी के अनुसार सोलर प्लांटों की स्थापना के लिए 5 करोड़ 59 लाख रुपये की संपूर्ण राशि संबंधित एजेंसी को भुगतान की जा चुकी है। इसके बावजूद प्लांट लंबे समय से बंद पड़े हैं और इनसे बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है। इस स्थिति को लेकर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष डॉ. रवि राय ने अपनी शिकायत में स्मार्ट सिटी प्रबंधन से सात महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा है कि सौर ऊर्जा प्लांट स्थापना के बाद कितने समय तक चालू रहे और इन कार्यों की निगरानी किन इंजीनियरों ने की थी। साथ ही प्लांट स्थापित करने वाली एजेंसी का नाम, उसकी गारंटी एवं मेंटेनेंस अवधि तथा स्वीकृति के समय तय उत्पादन क्षमता की जानकारी भी मांगी गई है।
दोषियों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग
डॉ. रवि राय ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने निगम को हुई कुल राजस्व हानि का आकलन कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।