उज्जैन।उज्जैन के एमपी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। 21 अप्रैल की रात इंदौर रोड पर महामृत्युंजय द्वार के पास हुए सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया था। आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जवाब मांगा था लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
ऐसे में बुधवार को सीएमएचओ ने अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को भर्ती मरीजों को तुरंत अन्य अस्पतालों में शिफ्ट करने और नए मरीजों के इलाज पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।21 अप्रैल की रात इंदौर रोड पर महामृत्युंजय द्वार के पास घायल हुए ग्राम करनावद निवासी प्रताप आंजना (20) और उसके दोस्त महेश को उपचार के लिए फ्रीगंज स्थित एमपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने प्रताप को मृत घोषित कर दिया।मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। सुबह प्रताप की मौत की खबर मिलने के बाद उसके परिजन अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा किया।