उज्जैन। अपेंडिक्स आपेरशन के दौरान जनसेवा नोबल पॉली क्लीनिक में हुई 11 साल की बालिका की मौत के मामले में पुलिस ने क्लीनिक के संचालक को हिरासत में ले लिया है। रविवार को बालिका का 7 डॉक्टरों की पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया।
नीलगंगा थाना प्रभारी तरूण कुरील ने बताया कि मंछामन कालोनी चौराहा पर जनसेवा नोबल पॉली क्लीनिक में शनिवार शाम अपेंडिक्स आॅपरेशन के दौरान राघवी थाना क्षेत्र के ग्राम टिल्याखेड़ी में रहने वाली 11 वर्षीय दीपिका पिता मेहरबान डाबी की मौत होने का मामला सामने आया था। मामले में बालिका की मां मंजूबाई की शिकायत पर क्लीनिक संचालक राजेश चौहान, डॉ. डीके तिवारी और अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 (1), 3 (5) का प्रकरण दर्ज किया गया है। रात में ही संचालक राजेश चौहान को हिरासत में ले लिया गया था। जिससे पूछताछ की जा रही है। क्लीनिक को घटना सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक पटेल की टीम द्वारा सील कर दिया गया था। क्लीनिक संचालित करने वाले से पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि कब से संचालित कर रहा था। क्लीनिक मान्यता प्राप्त है या नहीं, उससे जुड़े दस्तावेज भी जप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं बालिका का उपचार करने वाले डॉक्टर के हिरासत में आने पर पता लगाया जायेगा कि उपचार के दौरान कौन सी मेडिसीन दी गई थी। थाना प्रभारी कुरील के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिसका अवलोकन किया जा रही है जिसके आधार पर आगे की विवेचना की जायेगी। मामले में क्लीनिक से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
पोस्टमार्टम के दौरान तैनात रहा पुलिस बल
शनिवार शाम हुई बालिका की मौत के मामले में रविवार सुबह नीलगंगा थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान चिमनगंज, कोतवाली और माधवनगर थाने का पुलिस बल मौजूद रहा था। पोस्टमार्टम सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल, डॉ. विक्रम रघुवंशी, डॉ. ए. के. सिंह, डॉ. शीतल गुप्ता, डॉ. शिव मेनिया, डॉ. अभिषेक जाटवा और डॉ. दिलीप वास्के की पैनल द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई है। इस दौरान एसडीएम एलएन गर्ग, तहसीलदार शैफाली जैन मौजूद रही। बताया जा रहा है कि आॅपरेशन के दौरान बालिका का हार्ट और फेफडे फैल हो गये थे।
देर रात तक चलता रहा चक्काजाम
मृतक बालिका का परिवार चौकीदारी का काम करता है। एक माह से बालिका का उपचार पॉली क्लीनिक में चल रहा था। शनिवार को आॅपरेशन किया गया था। तभी बालिका की मौत होना सामने आया था। जिसके बाद परिजनों ने पहले पॉली क्लीनिक के बाहर प्रदर्शन किया। उसके बाद आगररोड चरक अस्पताल के सामने शव रख चक्काजाम कर दिया था। जो रात 12 बजे तक चलता रहा। प्रशासन और पुलिस की समझाईश के बाद शव को पोस्टमार्टम कक्ष में रखा गया था।
हिरासत में जनसेवा नोबल पॉली क्लीनिक का संचालक -डॉक्टरों की पैनल ने किया बालिका का पोस्टमार्टम, 2 डॉक्टरों की तलाश