उज्जैन। दो दिन पूर्व जिला अस्पताल “ चरक ” भवन की बिजली गुल होने का मामला हुआ था। इसे लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.अशोक कुमार पटेल ने आकस्मिक निरीक्षण किया था। इसके बाद अस्पताल के लोड की टेस्टिंग करवाई जा रही है। विद्युत कंपनी एवं लोक निर्माण विभाग इसे अंजाम दे रहे हैं। अस्पताल की ड्रेनेज समस्या का निदान भी होने वाला है। इसके लिए 500 मीटर की लाईन डल चुकी है। अगले एक माह में शेष 200 मीटर की लाईन डलने पर अब गंदे पानी का जमाव अस्पताल परिसर में नहीं होगा।
सिंहस्थ 2016 में मातृ एवं शिशु अस्पताल के रूप में आकार लेने वाला “ चरक ” अस्पताल भवन वर्तमान में उज्जैन के जिला अस्पताल के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा है। जिला अस्पताल के पुराने भवन को तोडकर उसके स्थान पर मेडिसिटी के भवनों का निर्माण जारी है। पिछले दो वर्ष से “ चरक ”अस्पताल की ड्रेनेज सिस्टम में परेशानी आने से यहां गंदे पानी का जमाव हो रहा था। इस समस्या का निदान होने वाला है। इसके लिए प्रेम छाया से अस्पताल को जा रही 700 मीटर की लाईन पूर्ण होने वाली है। इसमें कई कनेक्शनों की बाधा होने के कारण इसका काम धीमा चल रहा है। अब तक 500 मीटर लाईन खींची जा चुकी है शेष 200 मीटर लाईन भी अगले माह में पूर्ण हो जाएगी। सीएमएचओ डा.अशोक पटेल के अनुसार इस मानसून में ड्रेनेज के पानी जमाव की समस्या नहीं आएगी।
4 दिन में सभी लिफ्ट चालू होगी-
श्री पटेल के अनुसार अस्पताल में बिजली की समस्या का मामला सामने आया था। शनिवार को इसे लेकर आकस्मिक निरीक्षण किया गया। लिफट के साथ ही अस्पताल के सिविल कंस्ट्रक्शन एवं अन्य कामों का संधारण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग लिफ्ट संधारण को भी अंजाम दे रहा है। अभी 5 लिफ्ट चालू है,इस माह के अंत तक शेष सभी लिफ्ट चालू कर दी जाएगी।
लोड टेस्टिंग कर वैकल्पिक व्यवस्था होगी-
आकस्मिक बिजली जाने के मामले में डा. पटेल ने बताया कि केबल फाल्ट के कारण ऐसा हुआ था। केबल परिवर्तित करवा दी गई है। लोड ज्यादा होने के मसले का निदान भी किया जा रहा है। उसके लिए अस्पताल प्रशासन एवं विद्युत कंपनी के अधिकारियों को लोड टेस्टिंग के लिए कहा गया है। अब बेकअप के लिए जनरेटर की सुविधा को भी जुटाने की तैयारी की जा रही है जिससे की विद्युत जाने पर मरीज एवं उनके परिजनों को समस्या का सामना न करना पडे।
इन मुद्दों पर भी स्टाफ को हिदायत-
-मरीजों को ठंडा पेयजल
-अस्पताल में स्वच्छता बनाए
-गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं
-मधुर एवं संवेदनशील व्यवहार
-प्रोटोकॉल के अनुसार समय पर ड्यूटी
-हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं
-निर्धारित समय पर टीके लगाए