क्षिप्रा किनारे आपदा मित्रों ने सिखे बाढ़-भूकंप से बचाव के गुर -800 मित्रों को तैयार करने के दूसरे सत्र का समापन आज

उज्जैन। सिंहस्थ महाकुंभ से पहले आपदा मित्रों को तैयार करने के लिये चार सत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 7 दिवसीय सत्र का दूसरे चरण का आज समापन होगा। उससे पहले शनिवार को आपदा मित्रों को बाढ, भूकंप से बचाव का प्रशिक्षण क्षिप्रा के घाट पर लिया।
जिला सेनानी होमगार्ड संतोष कुमार जाट ने बताया कि भारत सरकार गृह मंत्रालय के माध्यम से नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सहयोग से आपदा मित्र योजना संचालित की जा रही है। मध्यप्रदेश के 11 जिलों के 800 आपदा मित्रों को उज्जैन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्र चार चरणों में होगा। जिसका दूसरा चरण 23 से 29 मार्च का रखा गया है। जिसमें  165 युवाओं को शनिवार सुबह क्षिप्रा के घाट पर बाढ़, भूकंप से बचाव का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान तैराकी के साथ बाढ़ में चप्पू की मदद से वोट को चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। बाढ़ में डूबते व्यक्ति को बचाकर उसे मेडिकल इमरजेंसी कैसे उपलब्ध कराई जाये, इसका अभ्यास कराया गया। आपदा में उपयोग होने वाले उपकरणों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण एसडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम और प्लाटून कमांडर्स द्वारा दिया जा रहा है। दूसरे चरण में आगजनी से बचने का प्रशिक्षण देते हुए क्या सावधानी रखना है, आग लगने पर किस प्रकार फायर एग्जीग्यूसर का उपयोग कर आग को नियंत्रित करना और मॉकड्रील के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। जिला सेनानी होमगार्ड के अनुसार आपदा मित्रों को प्रशिक्षत कर उनका सहयोग सिंहस्थ के दौरान क्षिप्रा के घटों पर लिया जायेगा, वहीं भीड़ नियंत्रण की ड्युटी में भी तैनात  कर सिंहस्थ महाकुंभ के आयोजन को सफल बनाने में किया जायेगा।

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