उज्जैन । जिला अस्पताल बनाम मातृ-शिशु चरक भवन की लिफ्ट बंद होने की समस्या अब जिला मुख्यालय पर मात्र स्वास्थ्य विभाग में ही नहीं है । इस मर्ज का वायरस विक्रमादित्य प्रशासनिक भवन तक पहुंच गया है। नए बने भवन में हाल की स्थिति में 5 में से 2 लिफ्ट बंद पडी है। चरक भवन में 7 लिफ्ट में से कुछ के बंद होने पर मरीज एवं उनके परिजन परेशान होते हैं। प्रशासनिक भवन की लिफ्ट बंद होने से आवेदक एवं कर्मचारी परेशान हैं। विक्रमादित्य प्रशासनिक भवन नया नकौर ही है। अभी इसे शुरू हुए 4 साल के करीब ही हुआ है। सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल भवन में अभी से अन्यानेक समस्या जन्म लेती जा रही है। लिफ्ट के मर्ज से पूर्व भवन में ही तिरार आने और फ्लोरिंग धंसने की स्थिति भी सामने आ चुकी है। इसी भवन में संभागीय कार्यालय भी होने से यहां संभाग के 7 जिलों से संबंधित प्रशासनिक कार्य को लेकर लोगों का आना जाना रहता है। इस भवन को 27.16 करोड में लोक निर्माण विभाग पीआईयू ने निर्मित किया था। तत्कालीन कलेक्टर एवं वर्तमान संभागायुक्त आशीषसिंह के कार्यकाल में इसका निर्माण हुआ था और 29 मई 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका लोकार्पण किया था।04 लिफ्ट 13 पेसेंजर एवं एक 28 क्षमता की-विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल भवन में चार स्टेयर केस है। पांच लिफ्ट है। चार लिफ्ट 13 पैसेंजर एवं एक 28 पैसेंजर की लगी हुई है। प्रशासनिक संकुल भवन के भूतल पर 4125 वर्गमीटर में वाहनों हेतु पार्किंग, प्रथम तल पर 3925 वर्गमीटर में एसडीएम, तहसील कार्यालय एवं द्वितीय तल पर 3925 वर्गमीटर में कलेक्टर कार्यालय तथा तृतीय तल पर 1970 वर्गमीटर में संभागायुक्त कार्यालय का निर्माण किया गया । सम्पूर्ण भवन में फायर फाईटिंग सिस्टम लगाया गया है। भूतल पर लगभग 500 दो पहिया वाहन एवं 40 चार पहिया वाहन खड़े किये जाने की पार्किंग क्षमता है। प्रथम तल पर 49 कक्ष हैं। द्वितीय तल पर कुल 44 कक्ष हैं। तृतीय तल पर कुल 25 कक्ष हैं। भवन में प्रवेश के चार द्वार है। भवन को प्रकाश एवं वेंटिलेशन की आवश्यकता अनुसार ओपन कोर्टयार्ड पेटर्न में रखा गया है।आवेदक – कर्मचारी को परेशानी-इस भवन के तृतीय तल पर संभागायुक्त कार्यालय है। द्वितीय तल पर कलेक्टोरेट कार्यालय एवं शाखा कार्यालय संचालित होता है। इसके अलावा इस भवन में भूतल पर लोक सेवा गारंटी कार्यालय योजना सांख्यिकी कार्यालय एवं पेंशन, तीन अपर कलेक्टर, तीन डिप्टी कलेक्टर, भारत निर्वाचन, जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय, भू-अभिलेख कार्यालय, जिला अन्त्यावसायी कार्यालय, लोक सेवा, एनआईसी एवं मीटिंग हॉल है।समय पर लिफ्ट फूल-खास यह है कि प्रशासनिक संकुल में कर्मचारियों के निर्धारित समय पर लिफ्ट फूल चलती है। ऐसे में 2 लिफ्ट के बंद होने से कर्मचारियों एवं आवेदकों के लिए समस्या बन जाती है।